न्यूज़
Budget 2026 Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

गर्मियों की छुट्टियों में जा रहे हैं पहाड़ों की ओर? इन 5 हिल स्टेशन्स को ट्रैवल लिस्ट से कर दें बाहर!

गर्मियों में भीड़भाड़ और ओवरटूरिज्म से बचना चाहते हैं? शिमला, मनाली, नैनीताल, मसूरी और धर्मशाला जैसे ओवरक्राउडेड हिल स्टेशनों की बजाय चुनें शांत और कम प्रसिद्ध हिल स्टेशन। जानें किन 5 पर्यटन स्थलों से गर्मियों में दूरी बनाना बेहतर है।

Posts by : Sandeep Gupta | Updated on: Wed, 16 Apr 2025 7:41:28

गर्मियों की छुट्टियों में जा रहे हैं पहाड़ों की ओर? इन 5 हिल स्टेशन्स को ट्रैवल लिस्ट से कर दें बाहर!

गर्मियों के महीनों (अप्रैल से जुलाई) में चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान से राहत पाने के लिए लोग अक्सर पहाड़ों की ओर रुख करते हैं। ठंडी हवाओं, प्राकृतिक सुंदरता और सुकून भरे माहौल की चाह में लाखों पर्यटक हर साल हिल स्टेशनों (Overcrowded Hill Stations in Summer) का रुख करते हैं। हालांकि, यही आकर्षण इन स्थलों पर अत्यधिक भीड़ का कारण बन जाता है, जिससे ओवरटूरिज्म की समस्या उत्पन्न होती है। गर्मियों में कुछ लोकप्रिय हिल स्टेशन्स जैसे शिमला, मनाली, नैनीताल, मसूरी और धर्मशाला जैसे पर्यटन स्थलों पर इतनी भीड़ हो जाती है कि वहां जाकर सुकून की उम्मीद करना बेमानी हो जाता है। ट्रैफिक जाम, होटल और होमस्टे की आसमान छूती कीमतें, पार्किंग की समस्या और प्रदूषण जैसी दिक्कतें आपके ट्रैवल एक्सपीरियंस को खराब कर सकती हैं। यदि आप वाकई शांत, सुकून भरी और कम भीड़-भाड़ वाली जगह पर छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो आपको इन ओवरक्राउडेड हिल स्टेशन्स से दूरी बनानी चाहिए। इसकी जगह कुछ ऐसे खूबसूरत, लेकिन अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध हिल स्टेशन मौजूद हैं जो गर्मी में बेहतरीन अनुभव दे सकते हैं। इसलिए इस गर्मी में इन 5 हिल स्टेशनों पर जाने से बचें (Avoid These Tourist Spots in Summer) —

शिमला (हिमाचल प्रदेश)

शिमला, भारत के सबसे लोकप्रिय और ऐतिहासिक हिल स्टेशनों में गिना जाता है। गर्मियों की शुरुआत होते ही, यह पहाड़ी शहर पर्यटकों से भर जाता है और यहां हर गली, हर मोड़ पर भीड़ का आलम देखने को मिलता है। मॉल रोड, रिज और जाखू मंदिर जैसी प्रमुख जगहों पर पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और ट्रैफिक जाम के कारण शिमला से सटे सोलन, कुफरी और नारकंडा जैसी नज़दीकी डेस्टिनेशनों तक पहुंचने में भी कई घंटों का समय लग जाता है। इसके अलावा, होटल, रिसॉर्ट्स और होमस्टे की मांग बढ़ने से इनके दाम भी अचानक बढ़ जाते हैं, जिससे ट्रैवल बजट बिगड़ सकता है। गर्मियों के दौरान शिमला की अत्यधिक भीड़ और सुविधाओं की कमी कई बार आपकी छुट्टियों के अनुभव को नकारात्मक बना सकती है। अगर आप सच में प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी हवा और सुकून भरे वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं, तो शिमला की जगह चैल, साराहन, चित्कुल या शोजा जैसे कम भीड़भाड़ वाले, शांत और सुरम्य हिल स्टेशनों की ओर रुख करें। ये जगहें न सिर्फ शांत वातावरण देती हैं बल्कि यहां की घाटियां, घने जंगल, बर्फ से ढके पहाड़ और स्थानीय संस्कृति भी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

मनाली (हिमाचल प्रदेश)

मनाली, हिमाचल प्रदेश का एक बेहद लोकप्रिय हिल स्टेशन है जो खासतौर पर एडवेंचर लवर्स, बैकपैकर्स और हनीमून कपल्स के बीच बहुत पसंद किया जाता है। हर साल गर्मियों के महीनों में यह शहर पर्यटकों से पट जाता है, जिससे यहां का हर कोना व्यस्त और भीड़भाड़ वाला हो जाता है। सड़कों पर इतना ट्रैफिक होता है कि लोकल ट्रांसपोर्ट से लेकर टैक्सी सेवाएं तक बुरी तरह प्रभावित हो जाती हैं। सोलंग घाटी और हिडिम्बा मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों पर लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे शांत और सुकूनभरे पल बिताने की उम्मीद धूमिल हो जाती है। रोहतांग पास, जो मनाली का एक मुख्य आकर्षण है, वहां जाने के लिए परमिट की अनिवार्यता और ट्रैफिक की समस्याएं यात्रा को और अधिक तनावपूर्ण बना देती हैं। इसके अलावा, पर्यटकों की अधिकता के कारण होटल, कैफे और लोकल गाइड्स की दरें भी कई गुना बढ़ जाती हैं, जिससे आपका ट्रैवल बजट असंतुलित हो सकता है। साथ ही, अत्यधिक भीड़ और शोरगुल से मनाली की प्राकृतिक सुंदरता का असली आनंद लेना मुश्किल हो जाता है। अगर आप मनाली जैसे एडवेंचर, खूबसूरत पहाड़, ट्रेकिंग ट्रेल्स और शांत वातावरण का अनुभव लेना चाहते हैं, तो कसोल, जिब्बी, तोश, या तांदी जैसे विकल्पों को चुनना बेहतर होगा। ये स्थान न सिर्फ कम भीड़ वाले हैं बल्कि यहां की वादियां, नदियों की कलकल ध्वनि, और लोकल संस्कृति भी उतनी ही समृद्ध है। यहाँ आप ट्रेकिंग, कैंपिंग, रिवर साइड स्टे, और लोकल फूड का आनंद बिना किसी बाधा के उठा सकते हैं। इन जगहों पर जाकर आप एक सच्चा हिल स्टेशन एक्सपीरियंस ले सकते हैं—बिना ट्रैफिक, शोर और भागदौड़ के।

ऋषिकेश (उत्तराखंड)

ऋषिकेश योग, ध्यान और स्पिरिचुअल टूरिज्म के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां की गंगा आरती, आश्रम, और प्राकृतिक सुंदरता लोगों को शांति का अनुभव कराती है। लेकिन गर्मियों में ऋषिकेश का यह शांत माहौल हलचल में बदल जाता है। एडवेंचर एक्टिविटीज़ जैसे रिवर राफ्टिंग, क्लिफ जंपिंग और ट्रेकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या अचानक बहुत बढ़ जाती है, जिससे शहर में ट्रैफिक, शोर और प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगता है। ऋषिकेश की तंग गलियों और पुलों पर पैदल चलना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, खासकर लक्ष्मण झूला और राम झूला जैसे लोकप्रिय स्थानों पर। इसके अलावा, गर्मियों के मौसम में होटल्स, गेस्ट हाउसेस और होस्टल्स की बुकिंग काफी पहले से फुल हो जाती है, जिससे लास्ट-मिनट ट्रैवलर्स को ठहरने की अच्छी जगह ढूंढना मुश्किल हो जाता है। भीड़ के कारण आश्रमों में भी ध्यान और योग का अनुभव बाधित हो सकता है। अगर आप ऋषिकेश जैसा ही शांत और आध्यात्मिक माहौल चाहते हैं लेकिन भीड़ से दूर रहना पसंद करते हैं, तो लैंसडाउन, चोपता, या औली जैसे विकल्प कहीं बेहतर हो सकते हैं। इन जगहों पर आप पहाड़ों की गोद में प्रकृति के करीब रहकर ध्यान, योग और शांति का सच्चा अनुभव कर सकते हैं। साथ ही, यहां की हरियाली, ठंडी हवाएं और लोकल संस्कृति भी मन को सुकून देती हैं, जो आपको एक रिफ्रेशिंग ट्रैवल एक्सपीरियंस प्रदान करेंगी।

नैनीताल (उत्तराखंड)

नैनीताल, जिसे "क्वीन ऑफ लेक्स" कहा जाता है, उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन्स में से एक है। चारों ओर से पहाड़ों से घिरी नैनी झील की खूबसूरती पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती है। लेकिन जैसे ही गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू होती हैं, यहां की प्राकृतिक शांति और सुंदरता पर्यटकों की भारी भीड़ में कहीं खो जाती है। नैनी लेक के चारों ओर इतनी ज्यादा भीड़ जमा हो जाती है कि बोटिंग जैसे शांत अनुभव भी थकाऊ लगने लगते हैं। सिर्फ झील ही नहीं, मॉल रोड, स्नो व्यू पॉइंट और नैना देवी मंदिर जैसे प्रमुख स्थल भी भीड़ और ट्रैफिक से भर जाते हैं। शहर में पार्किंग की जगह ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाता है, और सड़कें घंटों तक जाम रहती हैं, जिससे ट्रैवल का मजा काफी हद तक खराब हो जाता है। साथ ही, गर्मियों के सीजन में होटल्स और गेस्ट हाउसेज़ की कीमतें काफी बढ़ जाती हैं, जो ट्रैवल बजट पर असर डाल सकती हैं। अगर आप नैनीताल जैसी खूबसूरत और शांत पहाड़ी जगह का अनुभव लेना चाहते हैं लेकिन भीड़ से दूर रहना पसंद करते हैं, तो अल्मोड़ा, रानीखेत, या मुक्तेश्वर बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। ये जगहें न केवल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं, बल्कि यहां आपको शांति और लोकल संस्कृति का भी एक अलग अनुभव मिलेगा। यहां की पहाड़ी हवाएं, जंगलों की हरियाली और सुरम्य घाटियां आपको नैनीताल जैसा ही एहसास देंगी, लेकिन बिना भीड़भाड़ और भागदौड़ के।

मसूरी (उत्तराखंड)

मसूरी, जिसे "क्वीन ऑफ हिल्स" के नाम से जाना जाता है, हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। लेकिन गर्मियों की छुट्टियों में यहां की रानी जैसी शोभा भारी भीड़ और शोरगुल के कारण फीकी पड़ जाती है। मॉल रोड, कैमल्स बैक रोड और गन हिल जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर लोगों की इतनी भीड़ जमा हो जाती है कि सुकून से टहलना भी एक चुनौती बन जाता है। इस मौसम में ट्रैफिक जाम, पार्किंग की परेशानी और भीड़भाड़ वाले बाजारों से गुजरना बेहद थकाने वाला अनुभव हो सकता है। होटल्स और होमस्टे के रेट अचानक काफी बढ़ जाते हैं, जिससे बजट ट्रैवल प्लान करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, शांत और ठंडी हवा की जगह अक्सर शोर और अव्यवस्था का माहौल मिल सकता है। अगर आप मसूरी जैसे सुंदर हिल स्टेशन का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन शांत वातावरण की तलाश में हैं, तो लैंडौर, धनोल्टी या कनाताल जैसे विकल्प आदर्श हो सकते हैं। ये जगहें न सिर्फ भीड़ से दूर हैं, बल्कि यहां की पहाड़ी पगडंडियाँ, देवदार के जंगल और खुला आसमान आपको प्रकृति के और करीब ले जाते हैं। यहां आप ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव सुकून के साथ कर सकते हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

  • खीरा शरीर को हाइड्रेट करता है और जल संतुलन बनाए रखता है
  • गर्मियों में खीरा शरीर को ठंडा रखता है
  • खीरा त्वचा के निखार के लिए भी फायदेमंद है
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?