न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सावन में भक्तों के कष्ट हरते हैं शूलटंकेश्वर महादेव, यहां भगवान शिव ने थामा था गंगा का वेग

सावन के इन पावन दिनों में जब शिवभक्ति अपने चरम पर है, तो शूलटंकेश्वर महादेव का यह मंदिर भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव बनकर उभर रहा है—जहां केवल दर्शन मात्र से दुख-दर्द समाप्त होने की अनुभूति होती है।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Sun, 13 Jul 2025 2:37:21

सावन में भक्तों के कष्ट हरते हैं शूलटंकेश्वर महादेव, यहां भगवान शिव ने थामा था गंगा का वेग

सावन मास के प्रारंभ के साथ ही काशी सहित पूरे देश में भगवान शिव के जयकारे गूंजने लगे हैं। इसी भक्ति और श्रद्धा के माहौल में वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में स्थित शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर भक्तों का विशेष आकर्षण बनता जा रहा है। यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि पुराणों से जुड़ा ऐसा स्थान है जहां भगवान शिव ने स्वयं गंगा के प्रचंड वेग को रोका था।

गंगा तट पर माधोपुर गांव में स्थित यह मंदिर काशी का दक्षिणी द्वार कहलाता है। कैंट स्टेशन से लगभग 15 किलोमीटर और अखरी बाईपास से महज 4 किलोमीटर दूर यह मंदिर, चुनार रोड के समीप खनांव इलाके में स्थित है। मंदिर का भव्य प्रवेश द्वार दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, और सावन में तो यहां दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ती है।

शिव ने रोका था गंगा का वेग, गंगा ने मांगी थी क्षमा

इस मंदिर से जुड़ी कथा शिव पुराण और काशी खंड में स्पष्ट रूप से वर्णित है। मान्यता है कि ऋषि माधव ने गंगा के अवतरण से पूर्व इस स्थान पर एक शिवलिंग की स्थापना की थी और तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्रसन्न किया था। जब गंगा अपने तीव्र रौद्र रूप में काशी में प्रवेश करने लगीं, तब भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से उनके प्रवाह को रोक दिया। इस त्रिशूल की चोट से गंगा को पीड़ा हुई और उन्होंने शिव से क्षमा मांगी।

इस प्रसंग में यह भी उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव ने गंगा से दो वचन लिए—एक, वह काशी को स्पर्श करते हुए प्रवाहित होंगी, और दूसरा, काशी में स्नान करने वाले किसी भी भक्त को जलचर जीव कोई हानि नहीं पहुंचाएंगे। इन वचनों के बाद ही शिव ने त्रिशूल हटाया, और तभी से यह स्थान 'शूलटंकेश्वर' कहलाया।

स्वयंभू शिवलिंग और दिव्य मूर्तियां

मंदिर में शूलटंकेश्वर महादेव का स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है, जो अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी माना जाता है। मंदिर परिसर में हनुमान जी, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी की मूर्तियां भी प्रतिष्ठित हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से समस्त प्रकार के शूल—अर्थात् कष्ट, पीड़ा, और बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।

नाम पड़ा था माधव ऋषि के कारण

मंदिर से जुड़े पुजारी बताते हैं कि प्रारंभ में यह मंदिर माधवेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध था, क्योंकि ऋषि माधव ने यहां लिंग स्थापना कर भगवान शिव की आराधना की थी। बाद में शूल को थामने की पौराणिक घटना के कारण इसे शूलटंकेश्वर महादेव कहा जाने लगा। आज भी सावन में यहां जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के विशेष आयोजन होते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

ध्यान, साधना और भक्ति का सर्वोत्तम स्थल


काशी के बारह पवित्र द्वारों में से एक यह मंदिर दक्षिण दिशा की सुरक्षा का प्रतीक भी माना जाता है। मंदिर का शांत वातावरण, गंगा का समीप प्रवाह, और पौराणिक महत्ता इसे साधना और भक्ति के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर भी इस मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन