
गर्मी की छुट्टियों में या लंबे वीकेंड पर जब हम उड़ान भरने की सोचते हैं, तो दिमाग में सफेद रंग का एक चमचमाता विमान ज़रूर आता है। हवाई यात्रा जहां सफर को आरामदायक बनाती है, वहीं एक दिलचस्प सवाल भी उठता है—आख़िर क्यों दुनिया भर में अधिकांश विमान सफेद रंग में रंगे होते हैं? क्या यह केवल आकर्षक दिखने के लिए होता है या इसके पीछे कोई और ठोस वजह है? इसका जवाब विज्ञान में छिपा है। असल में, सफेद रंग का चयन सिर्फ सौंदर्य कारणों से नहीं, बल्कि तकनीकी, आर्थिक और सुरक्षा कारणों से भी किया जाता है। आइए जानते हैं, आखिर क्या हैं वे पांच बड़े कारण जिनकी वजह से प्लेन को सफेद रंग पहनाया जाता है।
1. गर्मी को परे हटाने में कारगर – तापमान नियंत्रण में मददगार
हवाई जहाज का सफेद रंग उसे सूरज की तीव्र किरणों से गर्म होने से बचाता है। चूंकि सफेद रंग सूर्य की रोशनी को अवशोषित करने के बजाय उसे परावर्तित कर देता है, इसलिए विमान का बाहरी हिस्सा ज्यादा गर्म नहीं होता। लंबे समय तक उड़ान भरने वाले विमानों के लिए यह एक अहम कारक है, क्योंकि इससे एयरक्राफ्ट के अंदर का तापमान संतुलित बना रहता है और कूलिंग सिस्टम पर भी कम दबाव पड़ता है।
2. ईंधन की खपत में कमी – ऊर्जा की बचत का स्मार्ट तरीका
जैसे-जैसे विमान गर्म होता है, उसके कूलिंग सिस्टम को अधिक काम करना पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। लेकिन जब विमान सफेद रंग का होता है, तो वह कम गर्म होता है और एयर कंडीशनिंग पर दबाव नहीं पड़ता। इस तरह कंपनियों को ऑपरेशनल लागत में बचत मिलती है और पर्यावरण को भी राहत मिलती है।
3. रंगाई में आता है कम खर्च – सस्ता और टिकाऊ विकल्प
किसी भी विमान को पेंट करना एक बड़ा और खर्चीला काम होता है। इसके लिए न केवल भारी मात्रा में पेंट चाहिए, बल्कि मेहनत और समय भी लगता है। सफेद रंग, बाकी रंगों की तुलना में न केवल सस्ता होता है, बल्कि हल्का भी होता है। इससे न सिर्फ कम कोटिंग लगती है, बल्कि विमान का वज़न भी बढ़ता नहीं है, जिससे ऑपरेशन किफायती बनता है।
4. तकनीकी खराबियों की जल्दी पहचान – सेफ्टी के नजरिए से बेहतरीन
अगर प्लेन पर कोई दरार, खरोंच या तेल का रिसाव हो जाए, तो सफेद रंग पर यह सब जल्दी नजर आ जाता है। इसके उलट, गहरे रंग के विमानों पर ऐसी खराबियां छिप जाती हैं और मरम्मत में देर हो सकती है। यानी सफेद रंग तकनीकी कर्मचारियों के लिए निगरानी और मेंटेनेंस को आसान बनाता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना घटती है।
5. पक्षियों से टकराव की आशंका होती है कम – बर्ड स्ट्राइक से बचाव
बर्ड स्ट्राइक किसी भी फ्लाइट के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। हालांकि यह पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सफेद रंग इसमें मददगार होता है। खुले नीले आसमान में सफेद विमान पक्षियों के लिए अधिक स्पष्ट दिखाई देता है, जिससे वे उससे टकराने से बच सकते हैं। इस तरह सफेद रंग अप्रत्यक्ष रूप से यात्रियों की सुरक्षा में भी योगदान देता है।
रंग नहीं, विज्ञान है असली वजह
विमान का सफेद रंग कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह सोच-समझकर लिया गया वैज्ञानिक फैसला है। तापमान नियंत्रण से लेकर लागत बचत, सेफ्टी से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक—हर पहलू में यह रंग अपनी उपयोगिता सिद्ध करता है। अगली बार जब आप आसमान में उड़ते किसी सफेद जहाज को देखें, तो समझिए कि उसमें छिपी है एक बेहद गहरी और वैज्ञानिक सोच।














