
वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। कभी-कभी छोटी-छोटी बातें भी बड़े झगड़ों का रूप ले लेती हैं और पति-पत्नी के बीच दरार इतनी गहरी हो जाती है कि रिश्ता टूटने की कगार पर पहुँच जाता है। ऐसे समय में लोग समाधान के लिए कई रास्ते तलाशते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि झारखंड के देवघर में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर ऐसा भी है जहाँ दर्शन करने मात्र से वैवाहिक कलह दूर हो जाती है और दाम्पत्य जीवन में फिर से मधुरता लौट आती है? इस मंदिर का नाम है बाबा बैद्यनाथ धाम, जिसे लोग श्रद्धा और आस्था से बाबा धाम भी कहते हैं।
देवघर का बाबा बैद्यनाथ मंदिर – आस्था का अद्वितीय केंद्र
झारखंड के देवघर जिले में स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि वैवाहिक जीवन की समस्याओं का समाधान करने के लिए भी प्रसिद्ध है। इसे बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और ‘कामना लिंग’ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि यहाँ भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा रहती है। जो भी दंपत्ति इस मंदिर में आकर प्रार्थना करते हैं, उनके रिश्ते में आ रही खटास धीरे-धीरे खत्म हो जाती है और उनका बंधन सात जन्मों तक अटूट बना रहता है।

रिश्ते बचाने की अद्भुत परंपरा
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में विवाह को सुरक्षित और प्रेमपूर्ण बनाए रखने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। दूर-दराज़ से आए पति-पत्नी यहाँ पहुँचकर ‘गठबंधन अनुष्ठान’ में भाग लेते हैं। इस अनुष्ठान में शिव-पार्वती मंदिरों के बीच एक लाल धागा बांधा जाता है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। विश्वास है कि इस विधि में शामिल हर जोड़े के बीच समझ, प्रेम और विश्वास और भी मजबूत हो जाता है। यही कारण है कि इसे विवाह को टूटने से बचाने वाला अनोखा आध्यात्मिक उपाय माना जाता है।
मंदिर की विशेष मान्यता
कहा जाता है कि जो पति-पत्नी यहाँ सच्चे मन से आकर बाबा बैद्यनाथ के चरणों में शीश झुकाते हैं, उनके वैवाहिक जीवन की कठिनाइयाँ स्वतः दूर हो जाती हैं। तलाक जैसी स्थिति का सामना कर रहे जोड़े भी यहाँ आकर फिर से एक-दूसरे के करीब आते हैं। इस मंदिर की ख्याति इतनी व्यापक है कि न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु विशेष रूप से यहाँ पहुँचते हैं।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर तक कैसे पहुँचें?
यह मंदिर देवघर जिले में स्थित है और यहाँ आने के लिए हवाई, रेल और सड़क – तीनों मार्ग उपलब्ध हैं।
हवाई मार्ग – देवघर एयरपोर्ट सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है।
रेल मार्ग – देवघर में तीन रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें जसीडीह जंक्शन मंदिर के सबसे नजदीक है और मुख्य स्टेशन भी यही है।
सड़क मार्ग – झारखंड और पड़ोसी राज्यों से सीधी बस सेवाएँ और टैक्सी सुविधा आसानी से मिल जाती है।














