एक्टर विवेक ओबेरॉय (48) भले ही पिछले काफी समय से बॉलीवुड में काफी कम नजर आ रहे हैं, लेकिन वे सुर्खियों में रहते हैं। उनकी जिंदगी में एक ऐसा वक्त भी आया था, जब हिट फिल्म देने के बावजूद लंबे समय तक उनके पास कोई प्रोजेक्ट नहीं था। विवेक ने ‘स्क्रीन’ के साथ बातचीत में कहा कि मैंने 22 साल में लगभग 67 प्रोजेक्ट्स किए लेकिन इंडस्ट्री बेहद असुरक्षित जगह है। आप अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं, अवार्ड जीत रहे हैं और एक्टर के तौर पर अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन उसी समय आपको दूसरी वजहों से काम नहीं मिलता है।
साल 2007 के बाद जब मैंने 'शूटआउट एट लोखंडवाला' की, जिसका 'गणपत' गाना वायरल हुआ था। मैंने इसके लिए ट्रॉफी जीती तो मुझे उम्मीद थी कि मुझे ढेर सारा काम मिलेगा। लेकिन कोई काम नहीं मिला। सक्सेसफुल फिल्म के बावजूद 14-15 महीने तक मैं घर पर बैठा था। फिर साल 2009 में मैंने तय किया कि मैं फिल्म इंडस्ट्री पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहता, बल्कि अपनी आर्थिक आजादी चाहता हूं। मैं उस सिचुएशन में नहीं रहना चाहता था, जहां लॉबी आपका भविष्य तय करे।
कोई भी आपको कुछ भी करने के लिए मजबूर कर सकता है, क्योंकि वो लोग चीजों को कंट्रोल कर रहे थे। बिजनेस हमेशा से मेरा प्लान B था। मैंने तय किया कि सिनेमा मेरा पैशन होगा, लेकिन मेरी आजीविका बिजनेस से चलेगी। इसने मुझे अपनी आजादी कमाने और लॉबीज के जाल से निकलने में मदद की। अपनी आत्मा को बेचना या किसी की चापलूसी करना कम से कम मेरे लिए जिंदगी जीने का तरीका नहीं है। कुछ लोग इस तरह जीते हैं, लेकिन मेरे मामले में ऐसा नहीं है। विवेक इस साल डायरेक्टर रोहित शेट्टी की वेब सीरीज 'इंडियन पुलिस फोर्स' में नजर आए थे। विवेक बिजनेस के दम पर 1200 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी के मालिक हैं।














