डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री की फिल्में खूब सुर्खियां बटोरती हैं। विवेक इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'द दिल्ली फाइल्स-द बंगाल चैप्टर' को लेकर चर्चा में हैं। ये फिल्म जल्द रिलीज होगी। विवेक अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए भी जाने जाते हैं। अब विवेक ने अपने X (ट्विटर) पर एक लंबा-चौड़ा नोट लिखकर बॉलीवुड के प्रति असंतुष्टि जताई है। विवेक ने लिखा, “बॉलीवुड गिर रहा है-और यह सबसे अच्छी बात है जो हो सकती है। बॉलीवुड खस्ताहाल है। और यह इंडस्ट्री के लिए अच्छा है। नई इमारत खड़ी करने के लिए आपको पुरानी इमारत को गिराना ही पड़ता है। यही वह समय है।
आज बॉलीवुड में शायद ही कोई स्वतंत्र निर्माता है। कोई नया निर्माता नहीं है। कोई नया विचार नहीं है। कुछ साल पहले, एक दर्जन स्टूडियो थे-अब केवल दो या तीन बचे हैं, और वे भी एकाधिकारवादी हैं और फिल्म निर्माण के अलावा अन्य कारणों से यहां हैं। सिनेमा के प्रति जुनून की जगह कॉर्पोरेट लालच और एजेंडा-चलित सामग्री ने ले ली है। फिल्में नहीं हैं-इसलिए पुरानी फिल्मों को रिलीज करने की होड़ मची हुई है। ज्यादातर निर्देशक जो इस मुश्किल समय में कुछ बदलाव ला सकते थे, उन्होंने हार मान ली है और OTT के आगे झुक गए हैं। फिल्म व्यवसाय को बचाए रखने के लिए स्टार-अभिनेता जरूरी हैं।
लेकिन कोई भी होनहार नया सितारा नहीं है। अगर आप 21-35 आयु वर्ग के किसी व्यक्ति को कास्ट करना चाहते हैं, तो आपको लगभग कोई नहीं मिलेगा-न तो हीरो और न ही हीरोइन। जो कुछ हैं वे हिंदी नहीं बोल सकते, एक्सप्रेशन नहीं दिखा सकते और अपने काम से ज्यादा इंस्टाग्राम में दिलचस्पी रखते हैं। और ज्यादा कुछ हासिल किए बिना, वे एक दल के साथ आते हैं-मैनेजर, सोशल मीडिया टीम, ट्रेनर्स और भी बहुत कुछ। अगर आप साधारण बैकग्राउंड से आने वाले आउटसाइडर कलाकारों को कास्ट करते हैं (जैसे मैं करता हूं), तो आपको फंडिंग, वितरण या मार्केटिंग मिलने की कोई संभावना नहीं है।”
BOLLYWOOD IS FALLING — and it’s the best thing that could happen.
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) March 8
Bollywood is in shambles. And that’s good for the industry. To erect a new building, you must demolish the old one. This is that time.
Today, Bollywood has hardly any independent producers. No new producers. No…
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तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर लगाए हैं यौन उत्पीड़न के आरोप
एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने साल 2018 में दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर पर 'मीटू अभियान' के तहत यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। अब मुंबई की एक कोर्ट ने नाना के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न के केस को बंद कर दिया है। कोर्ट ने तनुश्री की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि साल 2008 के ये आरोप समय-सीमा पार कर चुके हैं। तनुश्री की तरफ से शिकायत सीमित समय अवधि के बाद दायर की गई थी।
इस बीच तनुश्री ने इंस्टाग्राम पर कई नोट लिखे हैं जिसमें वह इल्जाम लगा रही हैं कि नाना ने अपनी मैनेजमेंट टीम की मदद से झूठ खबरें फैलाईं और वह खुद केस बंद करना चाह रहे हैं। तनुश्री ने लिखा, “मेरी हार नहीं हुई है और मामला अब भी मुंबई पुलिस में दर्ज है। मैंने और मेरी कानूनी टीम ने केस जीत लिया है और कोई भी मीडिया हाउस जो पूरी तरह से झूठी कहानी छाप रहा है, उसे कोर्ट को जवाब देना होगा और वह उत्पीड़न मामले में डिफॉल्ट रूप से पक्ष बन जाएगा।
कोर्ट ने 'हॉर्न ओके प्लीज' मूवी सेट पर 2008 में हुई उत्पीड़न की घटना पर पुलिस द्वारा दायर रिपोर्ट को रद्द कर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। नाना ने याचिका दाखिल करके खुद पर केस बंद करने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसलिए केस अभी भी जारी है और पुलिस को नाना के खिलाफ केस में चार्जशीट दाखिल करनी होगी। फर्जी खबरें फैलाना बंद करें क्योंकि यह मेरी जीत का मौसम है। नाना और अन्य पर जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी क्योंकि पुलिस के पास अब कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”














