एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा को बॉलीवुड में एक दशक से ज्यादा हो चुका है। सोनाक्षी के खाते में कई कमाल की फिल्में हैं, जिनमें उनकी बेहतरीन अदाकारी देखने को मिली। सोनाक्षी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चाओं में रहती हैं। हाल ही में सोनाक्षी ने अपने जुड़वां भाई लव और कुश के बारे में बात की। सोनाक्षी ने बताया कि जब वह छोटी थी तो उनके माता-पिता उन्हे काफी लाड़-प्यार देते थे और इस वजह से उनके दोनों बड़े भाइयों को उनसे जलन होती थी।
सोनाक्षी ने हाउटरफ्लाई के साथ बातचीत में सोनाक्षी ने भाई-बहन के लड़ाई-झगड़ों के बारे में खुलकर बात की और कहा कि मैं सबसे छोटी, घर की लड़की तो सबसे लाडली, तो भाइयों को जलन भी तो होती थी और ये मुझे बहुत खलता था। वैसे सभी भाई-बहन लड़ते हैं और लव और कुश के साथ मेरा झगड़ा कोई अलग नहीं था। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भाइयों के साथ सोनाक्षी की कथित अनबन लाइमलाइट में थी। दरअसल सोनाक्षी ने पिछले साल 23 जून को एक्टर जहीर इकबाल के साथ इंटरफेथ शादी की थी। उनके भाई शादी में शामिल नहीं हुए थे।
हालांकि कुश को कुछ फंक्शन में देखा गया, लेकिन लव कहीं नजर नहीं आए। सोनाक्षी-जहीर ने सिविल मैरिज की थी और उनकी शादी में पिता शत्रुघ्न सिन्हा और मां पूनम सिन्हा शामिल हुए थे। पहले यह भी कहा जा रहा था कि शादी से शत्रुघ्न भी नाखुश हैं। लव ने एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की थी, जिसे देख लग रहा था कि भाई-बहन के बीच कोई न कोई बात तो जरूर है। कयास लगाए जा रहे थे कि लव को जहीर अपनी बहन के लिए बतौर जीवनसाथी पसंद नहीं थे और इसी वजह से उन्होंने शादी से दूरी बनाए रखी।
बता दें कि लव और कुश ने भी फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत आजमाई थी, लेकिन वे सफल नहीं रहे। उल्लेखनीय है कि सोनाक्षी और जहीर दोनों की जोड़ी साथ में प्यारी लगती है। उन्होंने शादी से पहले 7 साल अपने रिश्ते को छिपाए रखा लेकिन अब वो अपने प्यार को जगजाहिर करने से चूकते नहीं हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीरों और वीडियो के जरिए वो अक्सर फनी और कपल गोल्स शेयर करते रहते हैं। दोनों कई दफा हनीमून पर विदेश की सैर कर चुके हैं।
सोनाक्षी ने कहा, मैं घर में छुपते-छुपाते भी एंट्री नहीं कर सकती थीं क्योंकि…
सोनाक्षी ने अपने घर के कड़े नियमों के बारे में बात करते हुए बताया कि मेरी मां को मेरा देर रात तक घर से बाहर रुकना बिल्कुल पसंद नहीं था। इस वजह से वह मुझ पर नजर रखती थीं। जब मैंने काम करना शुरू किया तब भी मेरे घर में रात 1:30 बजे का कर्फ्यू था। जब तक मैं 32 साल की नहीं हो गई, यह वैसा ही चलता रहा। मैं घर में छुपते-छुपाते भी एंट्री नहीं कर सकती थीं, क्योंकि घर में कोई ऐसा इंसान भी मौजूद था, जो मेरे पल-पल की खबर मेरे माता-पिता को देता था।
मैं रामायण में 10वीं मंजिल पर रहती थी, जबकि मेरे माता-पिता 5वीं मंजिल पर रहते थे, लेकिन जब भी मैं घर पहुंचती थी हमारे टेलीफोन ऑपरेटर झा जी उन्हें मेरी जानकारी देते थे। झा जी एक बहुत अच्छे इंसान हैं। जैसे ही मेरी कार अंदर आती, वैसे ही वह मेरे पैरेंट्स को फोन करके बोलते बेबी आ गई है। मैंने कई बार ये कोशिश की कि वो मेरे पैरेंट्स को फोन ना करें, लेकिन यह कभी काम नहीं आया। इन कड़ी पाबंदियों के बावजूद मैंने जहीर के लिए अपने घर के कड़े नियमों को तोड़ा है। हालांकि जब भी मैंने कर्फ्यू तोड़ा फिर मुझे इसके लिए डांट पड़ती थी।














