बॉलीवुड अभिनेता और निर्देशक राजू खेर ने अपने जीवन के उस मुश्किल दौर को याद किया है, जब एक टेलीविजन प्रोजेक्ट में लगाया गया उनका पैसा फंस गया था। उन्होंने बताया कि एक नए टीवी चैनल के लिए कार्यक्रम तैयार करने के दौरान उन्होंने अपने घर की बिक्री से मिले पैसों का बड़ा हिस्सा इस प्रोजेक्ट में लगा दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि यह काम उनके लिए और उनके परिवार के लिए एक नई शुरुआत लेकर आएगा, लेकिन कुछ ही समय बाद पूरा समीकरण बदल गया। जिस चैनल के लिए उन्होंने शो बनाया था, वह अचानक बंद हो गया और राजू के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया।
नए चैनल के लिए बनाया था टीवी शो
राजू खेर ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में अपने संघर्ष के उस दौर के बारे में विस्तार से बात की। उनके मुताबिक उस समय एक नया टेलीविजन चैनल लॉन्च होने वाला था और कई प्रोडक्शन हाउस उसके लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर रहे थे। इस सिलसिले में समझौते भी किए जा चुके थे और राजू ने ‘लाइफ के लिए कुछ भी करेगा’ नाम का एक कार्यक्रम तैयार किया था।
राजू ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उन्होंने अपने चार बेडरूम वाले घर को बेचकर मिले पैसों का बड़ा हिस्सा लगा दिया था। उस समय उन्हें लग रहा था कि परिवार की जिंदगी ठीक दिशा में आगे बढ़ रही है और यह प्रोजेक्ट उनके काम को भी नई दिशा दे सकता है। लेकिन उनकी उम्मीद उस वक्त टूट गई, जब चैनल ही अचानक बंद हो गया। राजू के मुताबिक एक दिन उन्हें पता चला कि जिस चैनल के लिए उन्होंने अपना कार्यक्रम तैयार किया था, उसका दफ्तर बंद पड़ा है और चैनल ही गायब हो चुका है। इस घटनाक्रम ने उन्हें आर्थिक तौर पर मुश्किल स्थिति में पहुंचा दिया।
काम की कमी और किराए का बढ़ा दबाव
प्रोजेक्ट में पैसा फंसने के बाद राजू खेर की परेशानियां और बढ़ गईं। उस समय उन्हें लगातार काम भी नहीं मिल रहा था। दूसरी ओर परिवार की जिम्मेदारियां और घर का किराया जैसी जरूरतें लगातार बनी हुई थीं। ऐसे में उनके लिए रोजमर्रा के खर्च संभालना भी चुनौती बन गया था।
राजू ने बताया कि उस दौर में उनके पास अपनी परेशानी साझा करने के लिए बहुत ज्यादा लोग नहीं थे। इसी वजह से उनकी उम्मीद अपने बड़े भाई और अभिनेता अनुपम खेर से जुड़ी थी। अनुपम उस समय तक अभिनय की दुनिया में स्थापित नाम बन चुके थे। राजू को लगा था कि जरूरत पड़ने पर उनका भाई आर्थिक तौर पर उनका साथ देगा।
राजू को क्यों थी अनुपम से मदद की उम्मीद?
राजू खेर ने स्वीकार किया कि उस समय उनके मन में यह बात आई थी कि अनुपम उनकी मदद कर सकते थे। उन्हें उम्मीद थी कि भाई से बात करने पर उन्हें इस मुश्किल दौर से निकलने में सहारा मिल सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और राजू को निराशा हुई।
हालांकि राजू ने यह भी बताया कि उस समय अनुपम खेर खुद अपने करियर को लेकर एक अलग दौर से गुजर रहे थे। वह हर तरह की फिल्मों में काम करने के बजाय ऐसे किरदारों और प्रोजेक्ट्स की तलाश में थे, जिनमें उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका मिले। इसी वजह से उन्होंने कुछ समय तक काम से दूरी भी बनाई थी। उस वक्त राजू को लगता था कि अनुपम को उनकी मदद करनी चाहिए थी। लेकिन बाद में उन्होंने अपने भाई की परिस्थितियों को एक अलग नजरिए से देखना शुरू किया।
समय के साथ बदली राजू की सोच
राजू खेर ने बताया कि बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने अपने भाई की स्थिति को उस समय पूरी तरह समझने की कोशिश नहीं की थी। उन्हें यह महसूस हुआ कि किसी व्यक्ति का आर्थिक या पेशेवर रूप से सफल होना इस बात की गारंटी नहीं है कि उसकी निजी जिंदगी में कोई परेशानी नहीं होगी। राजू ने एक इंटरव्यू पढ़ा था, जिसमें अनुपम खेर ने अपनी निजी जिंदगी और संतान से जुड़ी इच्छा के बारे में बात की थी। इस जानकारी ने राजू को अपने पुराने नजरिए पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया।
उन्हें लगा कि जिस तरह उन्होंने यह मान लिया था कि अनुपम सफल अभिनेता हैं, इसलिए उनके सामने किसी तरह की परेशानी नहीं हो सकती, वह सोच पूरी तरह सही नहीं थी। अनुपम की भी अपनी भावनाएं, संघर्ष और अधूरी इच्छाएं थीं। इस एहसास के बाद राजू ने माना कि उस समय उन्होंने अपने भाई की परिस्थितियों को पर्याप्त रूप से समझने की कोशिश नहीं की थी।
दोनों भाइयों का फिल्मी सफर लंबा रहा है
अनुपम खेर और राजू खेर दोनों लंबे समय से फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं। अनुपम खेर ने अभिनय के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई, जबकि राजू खेर ने भी फिल्मों और छोटे पर्दे पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने 1990 के दशक में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और बाद में निर्देशन में भी काम किया। राजू खेर ‘गुलाम’, ‘जंगल’, ‘ओम जय जगदीश’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘कृष 3’, ‘मैं तेरा हीरो’, ‘उंचाई’ और ‘पटना शुक्ला’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। उनके हालिया खुलासे में फिल्मी करियर के साथ-साथ उस व्यक्तिगत संघर्ष की झलक भी मिली, जब एक टीवी प्रोजेक्ट में लगाया गया पैसा फंसने के बाद उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था।














