राघव जुयाल (34) ने एक डांसर और कोरियोग्राफर से एक्टर तक का सफर तय कर लिया है। राघव को बतौर एक्टर भी फैंस का काफी प्यार मिल रहा है। वे हाल ही ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में भी चमक बिखेरते नजर आए। उन्होंने इसमें 'परवेज' नाम के लड़के का रोल निभाया है। राघव ने अपने किरदार को लेकर आईएएनएस के साथ खुलकर बात की। राघव ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर अपनी बात कहना भी एक कला है। एक्टिंग के जरिए मैं वो सब कुछ कह पाता हूं, जो आम तौर पर शब्दों में बयां नहीं कर सकता।
'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' जैसे शो के जरिए मुझे कई ऐसे मुद्दों को सामने रखने का मौका मिला, जिन्हें मैं हमेशा महसूस करता आया हूं, लेकिन कभी कह नहीं पाया। मेरे किरदार ने मुझे एक कलाकार के तौर पर आजाद महसूस करवाया। एक तरफ जहां परिवार हमें सही-गलत की समझ देता है, वहीं दोस्तों से हम मस्ती और शरारतें सीखते हैं। असली जीवन मूल्य वही होते हैं जो घर से मिलते हैं। एक इंसान की परवरिश का असर उसके व्यवहार और सोच में साफ दिखता है। आर्यन ने सीरीज से डायरेक्टर के रूप में डेब्यू करने वाले आर्यन खान की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक बेहद समझदार और जमीन से जुड़े इंसान हैं।
वे शाहरुख खान के बेटे जरूर हैं, लेकिन उनमें इस बात का कोई घमंड नहीं है। उनके परिवार का माहौल अपनेपन और संस्कार से भरा है। जब मैं आर्यन के घर गया, तो मुझे नहीं लगा कि मैं किसी बड़े सेलिब्रिटी के घर में आया हूं। वहां का माहौल एक आम भारतीय परिवार जैसा था, बिल्कुल सादगी से भरा। उनका पूरा परिवार बहुत विनम्र है। जब गौरी मैम आईं, तो उन्होंने सबसे पहले खाने के लिए पूछा, फिर काम की बात की।
मैंने खास तौर पर एक बात नोट की कि खान परिवार में बड़े-बुजुर्गों के पैर छूने की परंपरा है, जो उत्तर भारत की एक पुरानी संस्कृति है। यह देखकर मुझे अपने घर की याद आ गई। जब मेरी मां पहली बार आर्यन से मिलीं, तो उन्होंने उन्हें बहुत आदर और स्नेह से गले लगाया। ऐसा व्यवहार सिर्फ अच्छे संस्कारों से ही आता है।














