बॉलीवुड के बारे में अक्सर कहा जाता है कि इसमें हॉलीवुड, साउथ सिनेमा और यहां तक कि कोरियाई फिल्मों की नकल की जाती है। हाल ही में दिग्गज एक्टर परेश रावल ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। परेश ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में कहा कि उस दौर में ओरिजिनल स्क्रिप्ट का महत्व बहुत कम था। अगर आप किसी डायरेक्टर के पास जाते और कहते कि आप फिल्म बनाना चाहते हैं, तो वे आपको एक पुरानी धूल भरी कैसेट पकड़ाते और कहते–‘ये देख लो, इसमें बाद में कुछ और जोड़ देंगे’…हम बस अच्छे चोर थे। ये मानसिक आलस और क्रिएटिविटी की कमी थी, जिसने बॉलीवुड को नकल करने के लिए मजबूर किया।
जब विदेशी स्टूडियोज ने भारत में अपने दफ्तर खोलने शुरू किए, तो हालात बदल गए। पहले जहां बॉलीवुड चोरी की स्क्रिप्ट से पैसा कमाता था, अब उन्हें इन फिल्मों के राइट्स खरीदने पड़ते थे, जिससे प्रॉफिट कम होने लगा। जब उनके ऑफिस यहीं आ गए और हमें राइट्स के लिए पूरा पैसा देना पड़ा, तब सबने सोचा कि हमें अपनी कहानियों पर ध्यान देना चाहिए। तब जाकर एहसास हुआ कि हमारी खुद की कहानियां कितनी दमदार, नई और अभिनव हैं। जैसे-जैसे बॉलीवुड ने ओरिजिनल कंटेंट पर फोकस किया, इंडस्ट्री को जबरदस्त सफलता मिलने लगी।
दर्शकों को भी ताजगी भरी कहानियां पसंद आने लगीं। मेहनत का सीधा असर फिल्मों की क्वालिटी पर पड़ा और शानदार नतीजे देखने को मिले। पहले सिर्फ चोरी का काम होता था, लेकिन जब मेहनत से कहानियां लिखी जाने लगीं, तो फिल्मों की क्वालिटी भी बेहतर हुई और इंडस्ट्री आगे बढ़ी। उल्लेखनीय है कि परेश को बॉलीवुड में करीब चार दशक हो चुके हैं। वे अब तक कई दमदार भूमिकाएं निभा चुके हैं। लोगों ने उन्हें विलेन और कॉमेडियन दोनों के रूप में खूब प्यार दिया है। अब वे ‘भूत बंगला’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘हेरा फेरी 3’ में दिखेंगे।














