
‘मस्ती 4’ (Masti 4) का ट्रेलर 4 नवंबर को आखिरकार रिलीज़ कर दिया गया, लेकिन इसे लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिल रही है। दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म पहले की ‘मस्ती’ सीरीज़ जैसी मनोरंजक नहीं बल्कि “सस्ती और अश्लील” लग रही है। विवेक ओबेरॉय, आफताब शिवदासानी और रितेश देशमुख के साथ इस बार कास्ट में नरगिस फाखरी, अरशद वारसी और तुषार कपूर भी शामिल हैं, लेकिन दर्शक इस कॉम्बिनेशन से खास खुश नहीं दिख रहे।
फैंस ने ट्रेलर को बताया “अश्लील और बेतुका”
जहां कुछ प्रशंसक इस फ्रैंचाइज़ी की वापसी को लेकर उत्साहित थे, वहीं ज़्यादातर लोगों ने निराशा जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर कई यूजर्स ने ट्रेलर को “विकृत”, “घटिया” और “बेहद भद्दा” कहा। एक यूजर ने लिखा — “मजेदार कुछ भी नहीं है, बस फूहड़ता और गंदे जोक्स की भरमार है।” एक अन्य ने तंज कसा, “अगर ये कॉमेडी है, तो सेंस ऑफ ह्यूमर की परिभाषा ही बदलनी पड़ेगी।”
महिला दर्शकों ने जताई कड़ी नाराज़गी
फिल्म के कंटेंट को लेकर महिलाओं में भी गुस्सा साफ झलक रहा है। एक महिला यूजर ने ट्वीट किया — “ऐसी फिल्में करने के बाद ये अपने घर की महिलाओं की आंखों में कैसे देखते होंगे, सोचकर ही घिन आती है।” वहीं एक अन्य पोस्ट में लिखा गया — “अगर ‘डिस्गस्ट’ (Disgust) नाम का कोई जॉनर होता, तो मस्ती 4 का ट्रेलर उसी कैटेगरी में आता।”
निर्देशक और टीम पर उठे सवाल
कुछ दर्शकों ने फिल्म के निर्देशक और मेकर्स पर भी सवाल उठाए कि “मस्ती” जैसी प्रतिष्ठित कॉमेडी फ्रैंचाइज़ी को उन्होंने अश्लीलता का प्रतीक क्यों बना दिया। फैंस ने पुराने हिस्सों की तुलना में कहा कि पहले की फिल्मों में भले ही डबल मीनिंग ह्यूमर था, लेकिन उसमें एक सीमा थी, जो अब पूरी तरह गायब हो चुकी है।
मिलाप जावेरी का जवाब
एक महिला यूजर की आलोचना पर फिल्ममेकर मिलाप जावेरी ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी, जिससे बहस और बढ़ गई। हालांकि, उनके जवाब ने विवाद को शांत करने के बजाय और हवा दे दी। कई यूजर्स ने कहा कि फिल्ममेकर्स को आलोचना सुननी चाहिए, न कि उसे हल्के में लेना चाहिए।
सोशल मीडिया पर जारी है चर्चा
फिलहाल ‘मस्ती 4’ का ट्रेलर यू-ट्यूब और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, लेकिन इसे मिल रही प्रतिक्रिया ज्यादातर नकारात्मक है। कई लोग मांग कर रहे हैं कि सेंसर बोर्ड को इस तरह की फिल्मों पर सख्ती से विचार करना चाहिए, जो समाज में गलत संदेश फैलाती हैं।














