90 के दशक की मशहूर फिल्म एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी (52) आध्यात्मिक यात्रा पर निकल गई हैं। ममता ने ग्लैमरस दुनिया को त्याग कर 'संन्यास' ले लिया है। वह महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से आशीर्वाद लेकर साध्वी बन गई हैं। ममता को आज शुक्रवार (24 जनवरी) को महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाया गया है। उन्हें नया नाम भी मिल गया है। उन्हें 'यामाई ममता नंद गिरि' के नाम से जाना जाएगा। उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें वह साध्वी रूप में नजर आ रही हैं।
ममता किन्नर अखाड़े में पहुंचकर भगवा वस्त्र, रुद्राक्ष की माला पहने साध्वी भेष में दिखीं। उन्होंने प्रयागराज में संगम नदी में पिंडदान भी किया। ममता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पहले ही जानकारी दे दी थी कि वह प्रयागराज जाकर महाकुंभ में अपने माता-पिता का पितृ तर्पण करेंगी। उन्होंने इंस्टाग्राम बायो में खुद का नाम बदलकर 'महात्यागी साध्वी' लिखा है। महामंडलेश्वर बनने के बाद उनका पट्टाभिषेक किया जाएगा। ममता ने महाकुंभ में मीडिया से बातचीत में कहा कि अब वह बॉलीवुड में कभी वापसी नहीं करेंगी।
ममता ने कहा कि साल 2000 के बाद से ही मैंने तपस्या शुरू कर दी थी। मैंने आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी को अपना पट्टागुरु चुना। कल मुझे महामंडलेश्वर बनाने के बारे में पूछा गया था। आज शुक्रवार यानी महाकाली का दिन है। सुबह ही मां काली ने आदेश दिया कि मुझे लक्ष्मी नारायण जी को आचार्य चुनना है। वह साक्षात अर्धनारिश्वर के स्वरूप हैं। एक अर्धनारिश्वर के हाथों पट्टाभिषेक से बड़ी क्या उपाधि हो सकती है।
महामंडलेश्वर के लिए मेरी परीक्षा ली गई। 23 साल में मैंने क्या ध्यान और साधन किया, इस बारे में काफी सवाल किए गए। जो-जो पूछा गया, मैंने सबकुछ बताया। इसके बाद मुझे यह उपाधि मिल रही है। ममता का सफर बॉलीवुड में साल 1991 में शुरू हुआ था। ममता हॉटनेस के लिए जानी जाती थीं। साल 1993 में उस वक्त बॉलीवुड में खलबली मच गई थी जब ममता ने स्टारडस्ट मैग्जीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट करवाया था। ममता का नाम 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन से जोड़ा गया था। ममता को ‘करण अर्जुन’, ‘बाजी’, ‘क्रांतिवीर’, ‘आशिक आवारा’, ‘नसीब’ सहित कई फिल्मों में देखा गया। ममता की आखिरी मूवी ‘कभी तुम कभी हम’ साल 2002 में रिलीज हुई थी।














