
सैफ अली खान और अमृता सिंह के बेटे इब्राहिम अली खान (24) ने माता-पिता और बहन सारा अली खान को फॉलो करते हुए फिल्मी दुनिया में कदम रख लिया है। इस साल उनकी दो फिल्में नादानियां और सरजमीं आईं, जो ओटीटी पर रिलीज हुई थीं। दोनों को ही फैंस का खास रिस्पोंस नहीं मिला। इब्राहिम इन दिनों दिनेश विजान की मैडॉक फिल्म्स द्वारा डायरेक्ट की जा रही ‘दिलेर’ मूवी की तैयारी में जुटे हुए हैं। यह सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। इस फिल्म का निर्देशन ‘जन्नत’ मूवी के डायरेक्टर कुणाल देशमुख कर रहे हैं। ‘नादानियां’ के डायरेक्टर शौना गौतम और ‘सरजमीं’ के कायोज ईरानी थे। दोनों की यह पहली फिल्म थी।
अब इब्राहिम ने एक इंटरव्यू में ‘नादानियां’ की विफलता पर खुलकर बात की है। इब्राहिम ने एस्क्वायर इंडिया के साथ बातचीत में कहा कि कुछ समय पहले तक, सभी मेरे लॉन्च का इंतजार कर रहे थे और ‘नादानियां’ के बाद यह एकदम उल्टा हो गया। उन्होंने मुझे लगातार ट्रॉल किया, ‘वह बस यही नहीं कर पाएगा।’ यह बहुत ही बुरा है...और मुझे इसके बारे में लगातार बुरा लगता है।
मैं बस इतना कहूंगा कि यह एक बहुत ही घटिया फिल्म थी। यह एक तरह का ट्रेंड बन गया है कि चलो उस फिल्म को ट्रॉल करते हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ इसलिए ट्रॉल कर रहे थे क्योंकि उन्होंने सुना था कि कोई और इसे ट्रॉल कर रहा है। यह ठीक है, लेकिन अगर मैं अब भविष्य में कोई ब्लॉकबस्टर फिल्म दूं, तो मुझे भी यही रिएक्शन चाहिए। उन्हें मेरे पीछे पागल हो जाना चाहिए।

इब्राहिम अली खान ने की अपनी आगामी फिल्म ‘दिलेर’ के डायरेक्टर कुणाल देशमुख की तारीफ
इब्राहिम ने आगे कहा कि अब मैं खुद पर काम कर रहा हूं, खासकर की अपने बोलने के तरीके पर। मैं बोलना सीख रहा हूं। मैंने ‘नादानियां’ फिल्म की शूटिंग 21 की उम्र में की थी, जबकि अन्य स्टार्स अपनी पहली फिल्म 26-27 की उम्र में कर रहे हैं। ‘दिलेर’ बना रहे कुणाल एक कमाल के निर्देशक हैं और वे मुझे पर्दे पर बखूबी पेश कर सकते हैं। इस बार मैंने स्क्रिप्ट पर बहुत मेहनत की है। कुणाल सर वाकई एक अनुभवी निर्देशक हैं।
मैं अपने पिछले डायरेक्टर पर निशाना नहीं साध रहा, लेकिन सच तो यह है कि वे भी पहली बार फिल्म बनाने वाले निर्देशक थे। आपको इस बारे में सोचना होगा। मुझे इस फिल्म को लेकर अच्छी फीलिंग आ रही है। हम अभी बैकफुट पर हैं, लेकिन मुझे एक्ट करना आता है। यह कहना थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन कुछ लोगों में यह होता है और कुछ में नहीं। कुणाल ने मुझे वाकई रास्ता दिखाया है। अगर मैं किसी चीज में कंफर्टेबल नहीं होता, तो वह कोई न कोई उपाय जरूर निकाल लेते हैं। उनके पास हमेशा कोई न कोई जवाब होता है।














