हिन्दी सिनेमा में कई बेहतरीन अदाकार दर्शकों के सामने आए हैं जिन्होंने कौशल से दर्शकों को अपने साथ जोड़ने में सफलता प्राप्त की है। सितारों की इस लम्बी फेहरिस्त में अभिनेता आमिर खान भी शामिल हैं जिन्होंने अपने अभिनय के साथ-साथ अपनी फिल्म निर्माण शैली से भी दर्शकों को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है। आज उन्हें हिन्दी सिनेमा में मिस्टर परफेक्शनिट की उपाधि मिली हुई है।
आमिर खान आज भी सिनेमा में सक्रिय हैं। हालांकि बतौर अभिनेता उनकी आखिरी फिल्म वर्ष 2022 में आई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसके बाद उन्होंने निर्माता के तौर पर फिल्मों का निर्माण किया है। उनके द्वारा निर्मित गत वर्ष प्रदर्शित हुई फिल्म लापता लेडीज आस्कर की दौड़ में शामिल रही लेकिन असफल हुई। अब आईफा 2025 में इस फिल्म ने अपने नाम 10 पुरस्कार किए हैं। इनके साथ ही लापता लेडीज और आमिर खान फिर चर्चाओं में आ गए हैं।
आमिर खान कई बड़े निर्देशक-निर्माताओं के साथ काम कर चुके हैं। गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर से एक चैट सीजन के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने हिन्दी सिनेमा के कई निर्माता निर्देशकों के साथ काम किया है लेकिन उन्हें कभी भी हिन्दी सिनेमा शो मैन के रूप में ख्यात रहे निर्माता-निर्देशक सुभाष घई ने कभी कोई फिल्म ऑफर नहीं की।
आमिर खान ने कहा, मैं अपने समय में सफल निर्देशक सुभाष घई के साथ काम करना चाहता था, लेकिन उन्होंने मुझे कभी कोई फिल्म ऑफर नहीं की।
इससे पहले आमिर खान मुंबई में आयोजित ‘आमिर खान: सिनेमा का जादूगर’ फिल्म फेस्टिवल के लंच में शामिल हुए। इस दौरान आमिर ने फिल्म से जुड़े अपने कई अनुभव शेयर किए। कार्यक्रम के दौरान जावेद अख्तर ने कहा, "कौन अपने दिमाग से 'दंगल' करता, जिसमें एक बूढ़े व्यक्ति की भूमिका थी, जो कुश्ती में अपनी बेटी से हार जाता है? आप जोखिम लेते हैं, कोई और नहीं ले सकता।"
आमिर ने कहा कि चयन करना एक ऐसी चीज है, जो उनके जीवन में बहुत पहले ही आ गई थी। अभिनेता ने कहा कि 'कयामत से कयामत तक' में अपनी शुरुआत के बाद अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें अच्छी स्क्रिप्ट्स के लिए संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उस समय भी उन्होंने कई फिल्मों को 'ना' कहा था।
अभिनेता ने कहा, "मेरे सबसे बुरे समय में भी मैंने 'नहीं' कहने का साहस किया। अगर मैंने उस दिन समझौता कर लिया होता तो मेरा पूरा करियर समझौतों की एक सीरीज बन जाता।" उन्होंने कहा, "मुझे जीवन के सबसे बुरे समय में महेश भट्ट की एक फिल्म मिली। लेकिन मुझे वह फिल्म पसंद नहीं आई। मैंने हिम्मत की और महेश भट्ट को यह बात बताई।"
आमिर की गिनती हिंदी सिनेमा के एक ऐसे सुपरस्टार के रूप में की जाती है, जो प्रयोग करने की हिम्मत रखते हैं और ऐसी फिल्में करते हैं जो बॉक्स-ऑफिस और सांस्कृतिक प्रभाव दोनों के मामले में मानक स्थापित करने की क्षमता रखती हैं। उनकी बेहद लोकप्रिय फिल्मों की लिस्ट में 'अंदाज अपना अपना', 'रंग दे बसंती', 'सरफरोश', 'तारे जमीन पर', '3 इडियट्स', 'दिल चाहता है', 'दंगल' आदि के नाम शामिल हैं।














