
हिंदी टेलीविज़न की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना चुकीं एकता कपूर ने आज अपने करियर में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। 90 के दशक से जब उन्होंने टेलीविज़न पर कहानियों को पेश करने का तरीका बदला, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह नाम आने वाले समय में भारत के सबसे बड़े सम्मान सूची में शामिल होगा। 2020 में उन्हें पद्म श्री से नवाज़ा गया — यह भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है, जो उनके लंबे समय से चल रहे रचनात्मक योगदान को मान्यता देता है।
लेकिन एकता की उड़ान यहीं नहीं रुकी। 2023 में उन्होंने इंटरनेशनल एमी डायरेक्टरेट अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया और यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला प्रोड्यूसर बनीं। यह न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि थी, बल्कि भारतीय मनोरंजन जगत के लिए भी एक गर्व का क्षण था, जिसे वह दशकों से दिशा देती आई हैं।
VIDEO | Filmmaker Ekta Kapoor (@EktaaRKapoor) arrives at Vigyan Bhawan in New Delhi to attend the National Film Awards.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 23, 2025
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/dv5TRAShcC)#NationalFilmAwards pic.twitter.com/bYvbDfBLv4
अब 2025 में एकता कपूर को उनके पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) से नवाज़ा गया है। यह सम्मान उन्हें फिल्म कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री के लिए मिला है, जिसे उन्होंने गुनीत मोंगा और नेटफ्लिक्स के साथ को-प्रोड्यूस किया है। फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म (Best Hindi Film) का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है, जो इस बात का सबूत है कि एकता सिर्फ टीवी की महारथी नहीं, बल्कि फिल्मों और ओटीटी की दुनिया में भी उतनी ही प्रभावशाली और संवेदनशील दृष्टि रखने वाली निर्माता हैं। इस फिल्म के जरिए उन्होंने फिर साबित कर दिया कि वह नई सोच, नए कलाकारों और अलग तरह की कहानियों को मुख्यधारा में लाने का साहस और समझ रखती हैं।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कहानी घर घर की’, ‘कसौटी जिंदगी की’ और ‘नागिन’ जैसी श्रृंखलाओं से घर-घर में पहचान बनाने वाली एकता कपूर का करियर उस दौर में उभरा, जब न सोशल मीडिया का बोलबाला था, न ही ओटीटी की पहुंच। लेकिन उन्होंने अपने कंटेंट की ताकत से दर्शकों को बांधे रखा। अब वे न सिर्फ ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स बना रही हैं, बल्कि अक्षय कुमार के साथ प्रियदर्शन की 'भूत बंगला' और सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया स्टारर ‘VVAN’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही हैं — जिसमें खास बात यह है कि ‘VVAN’ के लिए उन्होंने पहली बार TVF जैसे युवा कंटेंट हब के साथ हाथ मिलाया है।
इतना ही नहीं, वह अपने आइकॉनिक शोज़ को फिर से लॉन्च करने की योजना पर भी काम कर रही हैं — जैसे ‘क्योंकि’ को फिर से नए रंग-रूप में पेश कर, पुरानी यादों और नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास।
एकता कपूर, जिन्होंने कभी बालाजी टेलीफिल्म्स से छोटे पर्दे पर सफर शुरू किया था, आज अपने काम, जज़्बे और दूरदृष्टि से तीन-तीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मानों की हकदार बनी हैं। यह एक महिला निर्माता की ऐसी कहानी है जो लगातार खुद को फिर से गढ़ रही है — बिना थके, बिना झुके और बिना रुके।














