
आज के दौर में जब लगभग हर बड़ी फिल्म रिलीज़ से पहले ही अपनी डिजिटल और सैटेलाइट डील तय कर लेती है, ‘एक दीवाने की दीवानियत’ के निर्माताओं ने एक बिल्कुल अलग राह चुनी है। उन्होंने अपनी फिल्म को पूरी तरह सिनेमाघरों के भरोसे रिलीज़ करने का फैसला लिया और किसी भी OTT प्लेटफॉर्म को इसके अधिकार नहीं बेचे। इससे पहले इसी तरह का साहसिक कदम आमिर खान ने ‘सितारे ज़मीन पर’ के साथ उठाया था। अब मिलाप ज़वेरी द्वारा निर्देशित यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म भी उसी राह पर चल रही है।
सिनेमाघरों पर पूरा भरोसा
फिल्म के लेखक और निर्देशक मिलाप ज़वेरी ने एक इंटरव्यू में बताया कि निर्माता अंशुल गर्ग को कई OTT प्लेटफॉर्म्स ने लुभाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी भी डील पर सहमति नहीं दी। ज़वेरी के मुताबिक, “मैं उन्हें ‘शेर गर्ग’ कहता हूं क्योंकि उन्होंने साहस दिखाया। OTT प्लेटफॉर्म्स ने कई बार संपर्क किया, मगर उन्होंने साफ कह दिया कि फिल्म का डिजिटल या सैटेलाइट राइट्स रिलीज़ से पहले नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने फिल्म सिनेमाघरों के लिए बनाई है, और थिएटर में रिलीज़ के बाद ही तय करेंगे कि फिल्म किस प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी।”
‘ऐसा आत्मविश्वास दिखाने के लिए चाहिए जिगरा’
मिलाप ज़वेरी ने आगे कहा कि आज के समय में जब निर्माता पहले से ही डिजिटल कमाई सुरक्षित करना पसंद करते हैं, अंशुल गर्ग का यह निर्णय वाकई साहसी है। “ऐसा आत्मविश्वास दिखाने के लिए जिगरा चाहिए ।”
बॉक्स ऑफिस सफलता का असर OTT कीमत पर
आमतौर पर किसी फिल्म की OTT कीमत उसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर निर्भर करती है। इसलिए ‘एक दीवाने की दीवानियत’ के बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि इसे डिजिटल रिलीज़ के लिए और बेहतर कीमत मिलेगी। मिलाप ज़वेरी ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, “बिलकुल! अब यह फिल्म OTT प्लेटफॉर्म्स पर प्रीमियम वैल्यू हासिल करेगी।”
फिल्म के निर्माताओं का यह फैसला फिल्म इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड स्थापित कर सकता है, जहां OTT पर निर्भरता से आगे बढ़कर सिनेमाघरों की वापसी की उम्मीद की जा रही है।














