विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। परदे पर पहली यह जोड़ी नजर आई जिसने दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है। इन दोनों ने संभाजी महाराज और येसूबाई का किरदार अभिनीत किया है। इस फिल्म के लिए विक्की कौशल की तारीफ में कशीदे पढ़े जा रहे हैं, साथ ही येसूबाई के रूप में रश्मिका की भी खासी प्रशंसा हो रही है। लेकिन इनके साथ ही परदे पर औरंगजेब के रूप में नजर आए अक्षय खन्ना अपने जीवंत अभिनय के लिए दर्शकों की भूरि-भूरि प्रशंसा प्राप्त कर रहे हैं।
कभी-कभार किसी फिल्म में नजर आने वाला यह अभिनेता जब भी परदे पर आता है दर्शकों की तालियाँ अपने साथ ले जाता है। दो वर्ष पूर्व वह दृश्यम-2 में अजय देवगन के सामने आए थे, जहाँ उन्होंने अपने अंदाज-ए-बयां से अजय देवगन को पूरी तरह से पस्त कर दिया था। और यही हाल अब उन्होंने छावा में विक्की कौशल का किया है। परदे पर जब-जब इन दोनों का आमना सामना हुआ तब-तब अक्षय खन्ना ने महफिल लूट ली।
अपने पिता विनोद खन्ना द्वारा निर्मित और पंकज पाराशर द्वारा निर्देशित हिमालय पुत्र से अपना सफर शुरू करने वाला यह अभिनेता 28 वर्षों से अपने अभिनय से दर्शकों का पसन्दीदा सितारा बना हुआ है। उनकी अगली रिलीज़, जे. पी. दत्ता की युद्ध ड्रामा "बॉर्डर" (1997) ने आलोचनात्मक और व्यावसायिक सफलता हासिल की, जिससे उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ नवोदित पुरुष अभिनेता का पुरस्कार मिला।
अक्षय खन्ना ने आगे भी कई व्यावसायिक सफलताएं हासिल कीं, जैसे रोमांटिक ड्रामा "ताल" (1999), कॉमेडी ड्रामा "दिल चाहता है" (2001) जिसने उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार दिलाया, रोमांटिक थ्रिलर "हमराज़" (2002), कॉमेडी फिल्में "हंगामा" (2003) और "हलचल" (2004), मर्डर मिस्ट्री "36 चाइना टाउन" (2006), एक्शन थ्रिलर "रेस" (2008), और हाइस्ट कॉमेडी "तीसमार खां" (2010)। उन्हें मनोवैज्ञानिक थ्रिलर "दीवांगी" (2002), जीवनी ड्रामा "गांधी, माय फादर" (2007), और एक्शन थ्रिलर "आक्रोश" (2010) में अपनी अदाकारी के लिए आलोचनात्मक प्रशंसा मिली।
2016 में चार साल के अंतराल के बाद, अक्षय खन्ना ने एक्शन-कॉमेडी फिल्म "ढिशूम" (2016) और 2017 की दो थ्रिलर फिल्मों "मॉम" और "इत्तेफाक" में सहायक भूमिकाएँ निभाईं। अक्षय खन्ना को कानूनी ड्रामा "सेक्शन 375" (2019) में एक रक्षा वकील की भूमिका निभाने और क्राइम थ्रिलर "दृश्यम 2" (2022) में एक पुलिस अधिकारी की भूमिका के लिए फिर से सराहना मिली, जो उनकी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बन गई।
अपने 28 साल के करियर में 34 फिल्में करने वाले अक्षय खन्ना ने 22 असफल फिल्में दी हैं। उन्होंने इस दौरान नायक, खलनायक, सह नायक और चरित्र अभिनेता के रूप में स्वयं को दर्शकों के सामने पेश किया है। लगातार फ्लॉप होती फिल्मों को देखकर अक्षय खन्ना फिल्मों में कम नजर आने लगे, हालांकि उन्होंने कुछ फिल्में की भी लेकिन सफलता नहीं मिली।
वर्ष 2022 में अक्षय खन्ना के करियर ने यूटर्न लिया। इस वर्ष वे अजय देवगन के साथ दृश्यम-2 में नजर आए। इस फिल्म में उन्होंने तब्बू के समकक्ष पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी। दृश्यम-2 कहने को तो अजय देवगन की फिल्म थी, लेकिन इस फिल्म की सफलता की पूरी लाइम लाइट अक्षय खन्ना लूट ले गए थे। इसके लिए निर्देशक अभिनव पाठक की तारीफ करनी होगी, उन्होंने जब-जब परदे पर अक्षय को दिखाया फिल्म में दर्शकों को नया ट्विस्ट देखने को मिला और रोमांच का सफर परवान चढ़ा।
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‘दृश्यम 2’ के बाद अक्षय खन्ना दो साल तक किसी फिल्म में नजर नहीं आए। अब वे छावा में औरंगजेब के रूप में दिखाई दे रहे हैं। औरंगजेब के किरदार को उन्होंने अपनी अदाकारी से जीवंत कर दिया है। सिर पर पड़ रही सलवटों और झुकी हुई गर्दन लेकिन ऊपर उठती तीखी निगाहों के साथ उन्होंने चेहरे पर जो क्रूरता पेश की है, उसकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है।
औरंगजेब के रूप में देखने के बाद दर्शकों को यह उम्मीद है कि आने वाले समय में अक्षय खन्ना कुछ बड़े सितारों की फिल्मों में अपनी खलनायकी का रंग दिखाते नजर आ सकते हैं।