बाल झड़ना आजकल एक आम समस्या बन गई है, लेकिन हर व्यक्ति में इसके पीछे एक जैसी वजह नहीं होती। किसी के बाल अचानक काफी ज्यादा झड़ने लगते हैं, जबकि कुछ लोगों में लंबे समय तक धीरे-धीरे बालों की मोटाई और घनत्व कम होता रहता है। ऐसे में सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि कितने बाल टूट रहे हैं, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि बाल किस तरह और कब झड़ रहे हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट आंचल पंथ ने हेयरफॉल की वजह समझने के लिए बाल झड़ने के पैटर्न पर ध्यान देने की बात बताई है। यानी यह देखना जरूरी है कि बाल अचानक झड़ रहे हैं या लंबे समय से पतले हो रहे हैं और सिर के किस हिस्से पर इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर हेयरफॉल के संभावित कारण को समझने में मदद मिल सकती है।
टेलोजन एफ्लुवियम में अचानक बढ़ जाता है हेयरफॉल
टेलोजन एफ्लुवियम में आमतौर पर अचानक और काफी ज्यादा बाल झड़ने लगते हैं। इसकी एक खास बात यह है कि कई मामलों में किसी ट्रिगर के करीब 2-3 महीने बाद हेयरफॉल शुरू होता है।
तेज बुखार या किसी बीमारी के बाद, ज्यादा तनाव, तेजी से वजन कम होने, पोषण की कमी, सर्जरी या बच्चे के जन्म के बाद भी इस तरह तेजी से बाल झड़ने की स्थिति देखी गई है। इसमें शुरुआत में सिर के बालों का कुल घनत्व बहुत ज्यादा कम नजर नहीं आता। बाल किसी एक हिस्से से झड़ने के बजाय पूरे सिर से लगभग समान रूप से गिरते हैं।
इस स्थिति में जब बाल झड़ने की वजह बनने वाला कारण ठीक हो जाता है, तो आमतौर पर बाल दोबारा उगने लगते हैं।
धीरे-धीरे बाल पतले हो रहे हैं तो हो सकता है फीमेल पैटर्न हेयर लॉस
अगर बालों की मोटाई लंबे समय से धीरे-धीरे कम हो रही है और लगातार बाल पतले दिखाई देने लगे हैं, तो यह फीमेल पैटर्न हेयर लॉस हो सकता है। इसमें सिर के ऊपर और बीच की मांग के आसपास बालों का घनत्व कम दिखाई देने लगता है।
समय के साथ मांग पहले की तुलना में चौड़ी नजर आ सकती है और बालों की मोटाई भी धीरे-धीरे घटती जाती है। इस तरह की स्थिति में अगर इलाज न किया जाए तो बालों की डेंसिटी और कम हो सकती है। हालांकि, इसे इलाज के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है।
डिफ्यूज एलोपेशिया एरियाटा भी पूरे सिर को कर सकता है प्रभावित
डिफ्यूज एलोपेशिया एरियाटा में भी अचानक पूरे सिर से बाल झड़ सकते हैं। इसी वजह से कई बार यह टेलोजन एफ्लुवियम जैसा नजर आ सकता है। इसमें सिर के बाल सामान्य रूप से पतले हो सकते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि सिर पर गोल-गोल गंजे पैच दिखाई दें।
कुछ लोगों में छोटे या टूटे हुए बाल नजर आ सकते हैं। बालों में एक सिरे से पतलापन भी दिखाई दे सकता है। इस स्थिति की सही पहचान के लिए डॉक्टर को सिर और बालों की अच्छी तरह जांच करनी पड़ती है। कुछ मामलों में डर्मोस्कोपी की जरूरत भी पड़ सकती है।
बाल झड़ने के बाद दोबारा उगने की संभावना कब ज्यादा होती है?
हेयरफॉल के बाद बाल वापस आएंगे या नहीं, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि बाल किस तरह और कितने समय से झड़ रहे हैं। अगर बाल अचानक झड़ने लगे हैं तो दोबारा बाल आने की संभावना आमतौर पर बेहतर होती है, क्योंकि ऐसी स्थिति में बालों की जड़ें पूरी तरह खराब नहीं हुई होती हैं।
इसके उलट, अगर कई सालों से बाल धीरे-धीरे पतले हो रहे हैं और उनकी मोटाई लगातार कम होती जा रही है, तो केवल बालों का झड़ना रोकना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में पहले जैसी बालों की डेंसिटी वापस पाना मुश्किल हो सकता है।
यही वजह है कि हेयरफॉल को समझते समय उसके पैटर्न और शुरुआत के समय पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। बाल अचानक झड़ रहे हैं या लंबे समय से पतले हो रहे हैं, यह अंतर संभावित कारण को समझने में मदद कर सकता है। सही समय पर इलाज शुरू करने से हेयरफॉल को कंट्रोल करने की संभावना बेहतर हो सकती है।














