फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले को लेकर अब एक अहम सवाल सामने आया है—क्या पायलट पर चाकू से नहीं, बल्कि विमान में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी यानी क्रैश ऐक्स से हमला किया गया था? शुरुआती रिपोर्टों में हमले के लिए चाकू का जिक्र हुआ था, लेकिन बाद की रिपोर्टों में विमान के कॉकपिट में रखी क्रैश ऐक्स के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटना की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में 174 लोग सवार थे और सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
चाकू या कुल्हाड़ी, हथियार को लेकर क्यों उठे सवाल?
घटना के शुरुआती विवरण में कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। बाद में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हमले के बारे में बात करते हुए कहा कि हमलावर ने कैप्टन पर चाकू से वार किया या संभवतः कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया हो सकता है। एक अन्य रिपोर्ट में कॉकपिट में मौजूद क्रैश ऐक्स के इस्तेमाल की संभावना का उल्लेख किया गया है। इसलिए फिलहाल हथियार को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं और अंतिम स्थिति जांच से ही स्पष्ट होगी।
यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि सामान्य यात्री विमान में कॉकपिट अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र होता है और किसी बाहरी व्यक्ति के लिए वहां हथियार लेकर पहुंचना आसान नहीं होता। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, जांच का एक पहलू यह भी है कि हमले के लिए विमान के भीतर पहले से मौजूद किसी उपकरण का इस्तेमाल हुआ या नहीं।
कॉकपिट में क्यों रखी जाती है क्रैश ऐक्स?
क्रैश ऐक्स विमान में सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए रखा जाने वाला उपकरण है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसका इस्तेमाल किसी आपात स्थिति में कॉकपिट के पैनल, दरवाजे, खिड़की या किसी दूसरे हिस्से को तोड़कर रास्ता बनाने अथवा आग जैसी स्थिति में प्रभावित हिस्से तक पहुंचने के लिए किया जा सकता है। इसलिए यह विमान में किसी यात्री के साथ लाई गई बाहरी वस्तु नहीं, बल्कि आपातकालीन उपकरण के तौर पर मौजूद होती है।
यही वजह है कि इस घटना में हथियार के रूप में क्रैश ऐक्स के इस्तेमाल की संभावना सामने आने के बाद सुरक्षा से जुड़े सवाल भी चर्चा में आए हैं। हालांकि, इस बात की स्वतंत्र पुष्टि कि कैप्टन मच्छार पर वास्तव में इसी उपकरण से हमला किया गया था, जांच पूरी होने से पहले नहीं की जा सकती।
विमान अचानक हजारों फीट नीचे आया
कॉकपिट में संघर्ष के दौरान विमान की ऊंचाई में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध उड़ान आंकड़ों के अनुसार, विमान करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई से कुछ ही समय में लगभग 17 हजार फीट तक नीचे आ गया। एक रिपोर्ट में करीब 14,300 फीट की गिरावट लगभग 37 सेकंड में होने की बात कही गई है।
इस अचानक गिरावट के बाद विमान ने आपात स्थिति का संकेत दिया और अंततः सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग की गई। विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों और अन्य लोगों ने स्थिति संभालने में भूमिका निभाई।
घायल होने के बाद भी कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
हमले के बाद कैप्टन स्मित मच्छार घायल होकर कॉकपिट के पास गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया गया।
इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबुक ले जाया गया। कैप्टन मच्छार और को-पायलट दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कैप्टन मच्छार की हालत स्थिर बताई गई है।
क्या विमान को गिराने की कोशिश की गई थी?
इस घटना को लेकर यह दावा भी सामने आया है कि को-पायलट ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। इजरायली अधिकारियों और रिपोर्टों में इस आशंका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की जांच अभी जारी है और हमले के उद्देश्य तथा कॉकपिट के भीतर वास्तव में क्या हुआ, इसकी अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। दूसरी ओर, संबंधित अधिकारियों की जांच का उद्देश्य घटना के पूरे क्रम और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को स्पष्ट करना है।
फ्लाईदुबई की इस घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि हमले के लिए इस्तेमाल हथियार को लेकर शुरुआती जानकारी और बाद में सामने आए दावों में अंतर दिखाई दे रहा है। चाकू से लेकर विमान की क्रैश ऐक्स तक के दावों के बीच अब जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि कैप्टन स्मित मच्छार पर वास्तव में किस चीज से हमला किया गया और कॉकपिट में हुई पूरी घटना किस क्रम में सामने आई।













