दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुई गंभीर घटना की अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आधिकारिक जांच शुरू हो गई है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने मामले की पड़ताल के लिए विशेष जांच टीम गठित करने का आदेश दिया है। यह विमान दुबई से रवाना होकर तेल अवीव जा रहा था, लेकिन कॉकपिट में हुए विवाद के बाद उसका मार्ग बदलना पड़ा और उसे सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।
UAE की आधिकारिक समाचार एजेंसी के मुताबिक, जांच टीम घटना से जुड़े तथ्यों और सबूतों को जुटाएगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि विमान में वास्तव में क्या हुआ, घटना की परिस्थितियां क्या थीं और इसके पीछे क्या वजह रही। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस घटना की पहले से कोई योजना बनाई गई थी या किसी व्यक्ति अथवा संगठन की ओर से कोई निर्देश दिया गया था।
आतंकवादी गतिविधि से संबंध की भी होगी जांच
इस मामले में जांच का दायरा केवल कॉकपिट में हुई झड़प तक सीमित नहीं रखा गया है। UAE अधिकारियों ने कहा है कि यह भी जांचा जाएगा कि घटना का किसी आतंकवादी गतिविधि या उद्देश्य से कोई संबंध था या नहीं। यानी जांचकर्ता यह समझने की कोशिश करेंगे कि यह अचानक हुई घटना थी या इसके पीछे पहले से कोई साजिश अथवा योजना मौजूद थी।
UAE के अटॉर्नी जनरल ने लोगों से जांच पूरी होने से पहले अटकलें लगाने या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के परिणाम और आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाना चाहिए।
UAE में दर्ज विमान होने से क्यों मिली जांच की जिम्मेदारी?
UAE अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईदुबई का यह विमान UAE में पंजीकृत है और UAE के झंडे के तहत संचालित होता है। इसी कानूनी आधार पर UAE के न्यायिक अधिकारियों के पास विमान में हुए अपराध की जांच का अधिकार है, भले ही घटना देश की सीमा के बाहर उड़ान के दौरान हुई हो।
जांच टीम UAE की सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण पहले ही कह चुका है कि घटना के कारणों और परिस्थितियों के साथ-साथ विमान के संचालन और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था?
फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान 30 सितंबर को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलटों के बीच गंभीर विवाद हुआ। इसके बाद विमान का मार्ग बदला गया और उसे सऊदी अरब के ताबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। घटना में चालक दल के कुछ सदस्य घायल हुए और उन्हें सऊदी अरब में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इजरायली अधिकारियों और अन्य रिपोर्टों में घटना को इससे आगे की गंभीर स्थिति के रूप में बताया गया है। उनके मुताबिक, सह-पायलट ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया और कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। हालांकि, UAE की आधिकारिक जांच अभी इस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और मकसद को स्थापित करने के लिए जारी है।
भारतीय पायलट स्मित मच्छार की भूमिका भी जांच के बीच अहम
घटना के दौरान भारतीय कप्तान स्मित मच्छार घायल हुए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप किया और हमलावर को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान को ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अभी यह तय करना जल्दबाजी होगी कि इस घटना के पीछे कौन था और इसकी वास्तविक वजह क्या थी। उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया कि इजरायल जांच में संभवतः शामिल हो सकता है।
ईरान की भूमिका पर अभी कोई निष्कर्ष नहीं
घटना के बाद संभावित बाहरी कनेक्शन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर ईरान की संभावित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उनका कहना था कि हमले में शामिल पायलट की सऊदी अरब में जांच चल रही है और घटना की वास्तविक पृष्ठभूमि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
इसलिए फिलहाल ईरान से किसी संबंध को स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता। UAE की जांच में भी घटना के पीछे संभावित योजना, निर्देश या आतंकवादी उद्देश्य जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जांच के सामने ये बड़े सवाल
अब जांच एजेंसियों के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि कॉकपिट में विवाद की शुरुआत कैसे हुई और सह-पायलट ने ऐसा कदम क्यों उठाया। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या घटना अचानक हुई या पहले से इसकी तैयारी की गई थी।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या सह-पायलट को किसी व्यक्ति या संगठन की ओर से कोई निर्देश मिला था और क्या घटना का किसी आतंकवादी गतिविधि से संबंध था। इसके साथ ही हमले के संभावित मकसद और किसी बाहरी कनेक्शन की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल UAE अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक अपुष्ट दावों और अटकलों से बचने को कहा है। इसलिए घटना के पीछे की वास्तविक वजह और संभावित साजिश से जुड़े सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।













