
वास्तु शास्त्र में कबूतर को सौहार्द, शांति और पवित्रता का प्रतीक माना गया है। इन्हें दाना डालना केवल दया का कार्य नहीं, बल्कि एक ऐसा उपाय है जो घर में सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है। यदि इसे उचित समय, दिशा और विधि से किया जाए तो इसका प्रभाव और भी अधिक होता है। आइए, जानते हैं कबूतरों को दाना खिलाने के वास्तु नियम और लाभ।
दाना डालने का उत्तम समय?
सुबह का समय, खासतौर पर सूर्योदय के तुरंत बाद, कबूतरों को दाना खिलाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय वातावरण में सकारात्मक कंपन प्रबल होते हैं, जो आपके कर्म का असर कई गुना बढ़ा देते हैं। वास्तु विशेषज्ञ मानते हैं कि शनिवार के दिन यह कार्य करने से शनि दोष में कमी आती है और जीवन में राहत महसूस होती है।
दिशा का खास महत्व
ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा वास्तु में सबसे शुभ मानी जाती है। कबूतरों को दाना खिलाने के लिए घर के आंगन, खुली बालकनी या छत के खुले हिस्से में इसी दिशा का चयन करें। माना जाता है कि उत्तर-पूर्व दिशा में दाना डालने से घर में सुख-शांति और तरक्की का प्रवाह बढ़ता है।
कौन सा दाना शुभ है?
कबूतरों के लिए जौ, गेहूं और बाजरा जैसे प्राकृतिक व ताजे अनाज सबसे उत्तम माने जाते हैं। ये न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा को भी बनाए रखते हैं। कभी भी बासी, गीला या सड़ा हुआ दाना न डालें, क्योंकि यह अशुभ प्रभाव ला सकता है और नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है।
वास्तु के अनुसार लाभ
नियमित रूप से कबूतरों को दाना डालने से कई सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। यह उपाय शनि और राहु जैसे अशुभ ग्रहों के प्रभाव को कम करता है, जिससे आर्थिक अड़चनें घटती हैं। साथ ही, यह पारिवारिक संबंधों में प्रेम और सौहार्द बढ़ाने में मदद करता है। माना जाता है कि यह क्रिया जीवन में स्थिरता और मानसिक शांति लाती है।
पालन करने योग्य सावधानियां
दाना डालते समय स्थान साफ-सुथरा और खुला होना चाहिए। गंदगी या बंद जगह में यह कार्य न करें। दाना डालते समय मन को शांत रखें और ‘ॐ शांति’ या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ जैसे मंत्रों का जाप करने से इसका प्रभाव और गहरा होता है। ध्यान रखें, अपने घर की छत पर कबूतरों को दाना डालने से बचें, क्योंकि इससे गंदगी और अव्यवस्था फैल सकती है।
आसान, लेकिन असरदार उपाय
वास्तु शास्त्र में कबूतर को दाना खिलाना एक छोटा, सरल और बेहद प्रभावी उपाय है। सही समय, सही दिशा और सही प्रकार के अनाज के साथ यह साधारण क्रिया आपके जीवन से नकारात्मकता को दूर कर सकती है। यह न केवल शनि दोष को कम करती है, बल्कि समृद्धि और मानसिक शांति का मार्ग भी खोलती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।














