न्यूज़
Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

तुलसी: परंपरा, आस्था और स्वास्थ्य का अनमोल संगम

तुलसी केवल आस्था और परंपरा का ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण पौधा है। आधुनिक विज्ञान ने भी यह सिद्ध किया है कि तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Fri, 22 Aug 2025 11:18:31

तुलसी: परंपरा, आस्था और स्वास्थ्य का अनमोल संगम

भारतीय संस्कृति में तुलसी का स्थान केवल एक पौधे तक सीमित नहीं है। यह घर-आंगन की पवित्रता, धार्मिक मान्यता, औषधीय खजाना और पर्यावरण की शुद्धता का प्रतीक है। भारत में सदियों से यह परंपरा रही है कि घर के आंगन या आँगन के बीचोबीच तुलसी का पौधा लगाया जाए और उसकी प्रतिदिन पूजा की जाए। लोग इसे “तुलसी माता” या “वृंदा देवी” के रूप में पूजते हैं।

लेकिन तुलसी केवल आस्था और परंपरा का ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण पौधा है। आधुनिक विज्ञान ने भी यह सिद्ध किया है कि तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यही कारण है कि इसे “क्वीन ऑफ हर्ब्स” यानी “जड़ी-बूटियों की रानी” कहा जाता है।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

भारतीय समाज में तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है और इसकी पूजा विष्णु भगवान के प्रिय अर्चन के रूप में की जाती है। कार्तिक मास में आने वाली तुलसी विवाह की परंपरा आज भी लाखों घरों में निभाई जाती है। मान्यता है कि तुलसी विवाह करने से घर में समृद्धि आती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है। सुबह और शाम तुलसी को जल चढ़ाना, दीप जलाना और उसकी परिक्रमा करना पुण्यकारी माना गया है। तुलसी का सेवन करने से न केवल शरीर पवित्र होता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।

तुलसी की प्रमुख किस्में


भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में तुलसी की कई किस्में पाई जाती हैं। हर एक की अपनी पहचान, स्वाद, सुगंध और औषधीय महत्व है।

1.राम तुलसी (श्वेत तुलसी)

हरी पत्तियों और मीठी सुगंध वाली राम तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और खांसी-सर्दी में राहत देती है। यह आयुर्वेद में विशेष स्थान रखती है। वहीं, कृष्ण तुलसी, जिसे श्यामा तुलसी भी कहते हैं, बैंगनी पत्तों और तीव्र सुगंध वाली यह तुलसी गले के संक्रमण, त्वचा रोगों और सूजन के इलाज में प्रभावी है। इसका गर्म प्रभाव शरीर को ऊर्जा देता है।

2. श्याम तुलसी (कृष्ण तुलसी)


श्याम तुलसी जिसे कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है, अपने बैंगनी पत्तों और तीव्र सुगंध के कारण विशेष पहचान रखती है। यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है और गले के संक्रमण, दमा तथा त्वचा संबंधी रोगों में अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इसकी तासीर गर्म होती है, जिसके कारण यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाती है। श्याम तुलसी की पत्तियों को चाय में मिलाकर पीने से न केवल स्वाद में वृद्धि होती है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी दोगुने हो जाते हैं।

3. वन तुलसी (जंगली तुलसी)

हिमालयी क्षेत्र में पाई जाने वाली वन तुलसी को जंगली तुलसी भी कहते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। आयुर्वेदिक टॉनिक में इसका उपयोग ऊर्जा और जीवन शक्ति बढ़ाने के लिए होता है। कपूर तुलसी की सुगंध प्राकृतिक मच्छर भगाने का काम करती है। यह हवा को शुद्ध करती है और श्वसन स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।

4. कपूर तुलसी


कपूर तुलसी को तुलसी की सबसे तेज और सुगंधित किस्म माना जाता है। इसकी विशिष्ट सुगंध न केवल वातावरण को ताजगी प्रदान करती है, बल्कि यह प्राकृतिक रूप से मच्छरों और अन्य कीटों को भी दूर भगाने का काम करती है। कपूर तुलसी के पौधे से निकलने वाली सुगंधित वायु आसपास के वातावरण को शुद्ध करती है और प्रदूषण को कम करने में सहायक होती है। खास तौर पर यह श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं में बेहद लाभकारी मानी जाती है। अस्थमा और सांस से संबंधित रोगियों के लिए कपूर तुलसी किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं है।

5. देवना तुलसी (थाई बेसिल)

दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाने वाली देवना तुलसी अपने तीखे, ऐनीज और स्वाद के लिए जानी जाती है। छोटी, नुकीली पत्तियों और बैंगनी-गुलाबी फूलों वाली यह तुलसी थाई, वियतनामी और कम्बोडियन व्यंजनों में खूब इस्तेमाल होती है, जैसे थाई करी और ताइवानी सानबेजी। पश्चिमी देशों में भी इसे पसंद किया जाता है। आयुर्वेद में इसके औषधीय गुणों का उपयोग कान के दर्द में राहत के लिए किया जाता है।

tulsi,holy basil,traditional medicine,ayurveda,health benefits,religious significance,spiritual practices,herbal remedies,indian culture,medicinal plants

तुलसी और स्वास्थ्य लाभ

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना

तुलसी का नियमित सेवन शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है। इसके पत्तों में मौजूद फाइटोकेमिकल्स शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

2. तनाव और मानसिक स्वास्थ्य

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित शोध बताते हैं कि तुलसी तनाव को कम करने में कारगर है। यह कॉर्टिसोल हार्मोन को संतुलित करके मानसिक शांति देती है।

3. हृदय रोग से सुरक्षा

तुलसी का सेवन कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार हैं।

4. श्वसन रोगों में लाभकारी

कफ, खांसी, अस्थमा और ब्रॉन्काइटिस जैसी समस्याओं में तुलसी का रस या काढ़ा बेहद असरदार है।

5. डायबिटीज में सहायक

तुलसी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करती है। आयुर्वेदिक चिकित्सक मधुमेह रोगियों को तुलसी का सेवन नियमित रूप से करने की सलाह देते हैं।

6. त्वचा और बालों के लिए उपयोगी

तुलसी एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से भरपूर होती है। यह पिंपल्स, स्किन एलर्जी और डैंड्रफ की समस्या को दूर करती है।

7. पाचन स्वास्थ्य


तुलसी का सेवन गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करता है।

आधुनिक विज्ञान और तुलसी


पबमेड और मेडलाइन जैसी रिसर्च जर्नल्स में दर्ज 24 से अधिक अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि तुलसी का नियमित उपयोग शरीर पर किसी प्रकार का गंभीर दुष्प्रभाव नहीं डालता। इसके विपरीत, यह डायबिटीज, हृदय रोग, संक्रमण, तनाव और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में सहायक साबित होती है।

घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक उपयोग

घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक उपयोग के रूप में तुलसी का विशेष महत्व है। खांसी होने पर तुलसी के पत्तों को अदरक और शहद के साथ लेने से राहत मिलती है। बुखार की स्थिति में तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बना काढ़ा पीना बेहद लाभकारी माना जाता है। सिरदर्द की समस्या में तुलसी के तेल से मालिश करने पर आराम मिलता है। मच्छरों से बचाव के लिए घर में कपूर तुलसी का पौधा रखना उपयोगी होता है, क्योंकि इसकी सुगंध मच्छरों को दूर करती है। वहीं कान दर्द की परेशानी में तुलसी के रस की कुछ बूंदें डालने से भी फायदा मिलता है।

तुलसी और पर्यावरण


तुलसी केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की शुद्धता के लिए भी लाभकारी है। यह कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके ऑक्सीजन का उत्सर्जन करती है और घर के वातावरण को शुद्ध बनाती है।

तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और स्वास्थ्य का संगम है। राम तुलसी से लेकर देवना तुलसी तक, हर किस्म की अपनी अनूठी पहचान और औषधीय महत्व है। आधुनिक विज्ञान भी यह मान चुका है कि तुलसी का सेवन शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी है।

आज के समय में जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, तुलसी एक प्राकृतिक औषधि के रूप में हर घर के लिए वरदान साबित हो सकती है।


राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

दिल्ली में TMC सांसदों का जोरदार प्रदर्शन, गृह मंत्रालय के बाहर हंगामा; महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन हिरासत में
दिल्ली में TMC सांसदों का जोरदार प्रदर्शन, गृह मंत्रालय के बाहर हंगामा; महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन हिरासत में
तुर्कमान गेट हिंसा के बाद प्रशासन का सख्त कदम, फैज-ए-इलाही मस्जिद में आज नहीं होगी जुमे की नमाज, इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
तुर्कमान गेट हिंसा के बाद प्रशासन का सख्त कदम, फैज-ए-इलाही मस्जिद में आज नहीं होगी जुमे की नमाज, इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
ईरान को लेकर ट्रंप का क्या है अगला कदम? बड़ा खुलासा, सरकार को दी सख्त चेतावनी
ईरान को लेकर ट्रंप का क्या है अगला कदम? बड़ा खुलासा, सरकार को दी सख्त चेतावनी
सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने की तैयारी, गडकरी ने पेश की वाहनों के बीच ‘वायरलेस संवाद’ तकनीक, ऐसे करेगी काम
सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने की तैयारी, गडकरी ने पेश की वाहनों के बीच ‘वायरलेस संवाद’ तकनीक, ऐसे करेगी काम
पार्टी से निष्कासन के बाद पहली बार आमने-सामने आए लालू-तेज प्रताप, क्या हुई बात?
पार्टी से निष्कासन के बाद पहली बार आमने-सामने आए लालू-तेज प्रताप, क्या हुई बात?
‘मैं नेहरू का अंध समर्थक नहीं’, पहले प्रधानमंत्री पर शशि थरूर का बड़ा बयान—1962 की चीन से हार पर रखी अपनी बात
‘मैं नेहरू का अंध समर्थक नहीं’, पहले प्रधानमंत्री पर शशि थरूर का बड़ा बयान—1962 की चीन से हार पर रखी अपनी बात
शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ की रिलीज डेट फाइनल, पोस्टर में दिखा जबरदस्त और खतरनाक अंदाज
शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ की रिलीज डेट फाइनल, पोस्टर में दिखा जबरदस्त और खतरनाक अंदाज
‘भारत में घट रही हिंदुओं की संख्या’, प्रवीण तोगड़िया का आह्वान—भेदभाव छोड़ एकजुट हों, हर गली-मोहल्ले में गूंजे हनुमान चालीसा
‘भारत में घट रही हिंदुओं की संख्या’, प्रवीण तोगड़िया का आह्वान—भेदभाव छोड़ एकजुट हों, हर गली-मोहल्ले में गूंजे हनुमान चालीसा
‘मोदी ने फोन नहीं किया, इसलिए डील अटकी’ — ट्रेड समझौते पर अमेरिका का चौंकाने वाला दावा
‘मोदी ने फोन नहीं किया, इसलिए डील अटकी’ — ट्रेड समझौते पर अमेरिका का चौंकाने वाला दावा
सभी को हैरान करने आ रही है Samsung Galaxy S26 सीरीज, लॉन्च डेट से उठा पर्दा; जानिए कब होगी एंट्री
सभी को हैरान करने आ रही है Samsung Galaxy S26 सीरीज, लॉन्च डेट से उठा पर्दा; जानिए कब होगी एंट्री
राहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना - अंकिता भंडारी हत्या से लेकर उन्नाव कांड तक उठाए गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना - अंकिता भंडारी हत्या से लेकर उन्नाव कांड तक उठाए गंभीर सवाल
ठाकरे भाइयों के बाद पवार परिवार में सुलह के संकेत? अजित पवार ने कहा —अब दोनों एनसीपी साथ-साथ
ठाकरे भाइयों के बाद पवार परिवार में सुलह के संकेत? अजित पवार ने कहा —अब दोनों एनसीपी साथ-साथ
ममता को घोटालों के राज खुलने का डर, बीजेपी सांसद रविशंकर का बड़ा हमला
ममता को घोटालों के राज खुलने का डर, बीजेपी सांसद रविशंकर का बड़ा हमला
'द राजा साब' का सीक्वल कंफर्म, अगली फिल्म का टाइटल होगा 'राजा साब 2: सर्कस 1935'
'द राजा साब' का सीक्वल कंफर्म, अगली फिल्म का टाइटल होगा 'राजा साब 2: सर्कस 1935'