
हनुमान जी इस कलयुग के अमर और अजर देवता माने जाते हैं। इन्हें इस युग का मुख्य देवता भी माना जाता है। जिन पर हनुमान जी की कृपा होती है, उनके जीवन से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। हनुमान जी अपने भक्तों की जल्दी प्रसन्नता प्राप्त करते हैं। उनकी कृपा पाने के लिए सुंदरकांड का नियमित पाठ अत्यंत फलदायक माना गया है। सुंदरकांड का पाठ करने से अनेक प्रकार के अद्भुत लाभ मिलते हैं। आइए जानते हैं कि सुंदरकांड के पाठ से कौन-कौन से लाभ प्राप्त होते हैं:
पापों से मिलती है मुक्ति
सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यदि कोई सुंदरकांड का पाठ न कर सके, तो उसे सुंदरकांड सुनना चाहिए, क्योंकि सुनने मात्र से भी पापों से मुक्ति मिलती है।
जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं
जो व्यक्ति नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करता है, उसके जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आती। यह पाठ संकटों को दूर करने में मददगार होता है।
भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त होता है
सुंदरकांड के पाठ से भक्त को भगवान श्री राम की विशेष कृपा और आशीर्वाद मिलता है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में समस्याएं दूर हो जाती हैं और सफलता के द्वार खुल जाते हैं।
आत्मविश्वास में वृद्धि होती है
सुंदरकांड का नियमित पाठ करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे व्यक्ति अपने जीवन के हर क्षेत्र में आत्मविश्वासी होकर आगे बढ़ता है।
शिक्षा में सफलता के लिए अत्यंत लाभकारी
यदि आप पढ़ाई या शिक्षा के क्षेत्र में सफलता चाहते हैं, तो सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है। यह ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि करता है और सफलता सुनिश्चित करता है।
भय से मुक्ति दिलाता है
जो लोग किसी भी प्रकार के भय से ग्रसित हैं, उनके लिए सुंदरकांड का पाठ शांति और साहस प्रदान करता है। इससे व्यक्ति भयमुक्त होकर निडर बन जाता है।
कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं
यदि आपके कार्यों में रुकावटें आ रही हैं, तो सुंदरकांड का पाठ करें। इससे कार्यों में विघ्न नहीं आता और सभी कार्य सफलतापूर्वक पूरे होते हैं। सुंदरकांड का नियमित पाठ हनुमान जी की कृपा को आकर्षित करता है और जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सुरक्षा लेकर आता है। इसलिए, अपने जीवन में हर प्रकार की सफलता और शांति के लिए सुंदरकांड का नियमित पाठ अवश्य करें।














