
श्रावण मास, जिसे सावन के नाम से जाना जाता है, भगवान शिव की आराधना का पवित्र महीना होता है। यह माह हिंदू पंचांग के अनुसार 11 जुलाई से शुरू हो चुका है, और इसका पहला सोमवार 14 जुलाई को पड़ रहा है। लेकिन उत्तराखंड में सावन का आरंभ 16 जुलाई से माना जाएगा, जब सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसी दिन वहां का प्रमुख पर्व हरेला भी मनाया जाएगा, जो प्रकृति की हरियाली और कृषि परंपरा से जुड़ा होता है।
उत्तराखंड में 16 जुलाई से होगा सावन का आरंभ
हालांकि भारत के अधिकतर हिस्सों में सावन 11 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है, लेकिन उत्तराखंड में सौर मास के अनुसार सावन की शुरुआत 16 जुलाई से मानी जाएगी। इस दिन सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा, जिसे संक्रांति कहा जाता है। सूर्य का यह संक्रमण दक्षिणायन की दिशा में होने का संकेत देता है और उत्तराखंड की परंपराओं में इसे ही श्रावण का आरंभ माना जाता है।
हरेला पर्व भी 16 जुलाई को ही
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में 16 जुलाई को हरेला पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाएगा। यह पर्व प्रकृति, हरियाली और कृषि संस्कृति का प्रतीक है। इस दिन घरों में हरेला बोया जाता है और दस दिन बाद उसे काटकर भगवान के चरणों में अर्पित किया जाता है। यह पर्व श्रावण मास की शुरुआत के साथ मनाया जाता है और साथ ही यह समय भगवान शिव की आराधना के लिए भी श्रेष्ठ माना जाता है।
सावन में शिवजी को प्रसन्न करने के सरल उपाय
सावन मास में भगवान शिव को प्रसन्न करना अपेक्षाकृत आसान माना गया है क्योंकि यह उनका प्रिय मास है। शास्त्रों में कहा गया है कि सावन के सोमवार को व्रत रखकर और शिवलिंग का पूजन करने से मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं।
1. शिवलिंग पर जल अर्पित करें
रोजाना प्रातःकाल शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाते हुए "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें। इससे मन शांत रहता है और शिव कृपा सहज प्राप्त होती है।
2. इत्र अर्पण करें
शिवलिंग पर सुगंधित इत्र चढ़ाने से मन की शुद्धि होती है। यह तामसी वृत्तियों को कम करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
3. बेलपत्र, भस्म और सफेद फूल चढ़ाएं
भगवान शिव को बेलपत्र, भस्म और सफेद रंग के फूल विशेष रूप से प्रिय होते हैं। ये वस्तुएं शिवलिंग पर चढ़ाने से उनका आशीर्वाद शीघ्र प्राप्त होता है।
4. सोमवार का व्रत रखें
सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखने से विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। विशेषकर कुंवारी कन्याओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायक माना गया है।
सावन का महीना आध्यात्मिक साधना और शिव भक्ति के लिए सर्वोत्तम काल है। उत्तराखंड में 16 जुलाई से जब यह महीना शुरू होगा, तो साथ ही हरेला पर्व भी जीवन में हरियाली, सुख-समृद्धि और शिव की कृपा का संदेश लेकर आएगा। जो श्रद्धालु इस अवधि में विधिपूर्वक उपासना करते हैं, उन्हें निश्चित रूप से शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।














