न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सावन स्पेशल: भगवान शिव को त्रिशूल, डमरू और गले का नाग कहां से मिला? जानिए दिल को छू लेने वाली पौराणिक कथा

सावन के पावन महीने में जानिए भगवान शिव के त्रिशूल, डमरू और गले के नाग से जुड़ी भावनात्मक और प्रेरणादायक पौराणिक कथाएं, जो उनकी दिव्यता और भक्तों के प्रति करुणा को दर्शाती हैं।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 01 Jul 2025 6:09:21

 सावन स्पेशल: भगवान शिव को त्रिशूल, डमरू और गले का नाग कहां से मिला? जानिए दिल को छू लेने वाली पौराणिक कथा

भगवान शिव को यूं ही भोलेनाथ नहीं कहा जाता है। उनकी सादगी, सरलता और अपने भक्तों के प्रति करुणा भाव उन्हें देवों में अलग बनाता है। मान्यता है कि भगवान शंकर एक लोटे जल के अभिषेक भर से ही प्रसन्न हो जाते हैं और भक्त के सभी दुख दूर कर देते हैं। यही कारण है कि श्रावण मास में शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। आपने देखा होगा कि शिव जी के गले में नाग, एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में डमरू रहता है। भगवान शिव की जटा में गंगा और अर्ध चंद्रमा भी सुशोभित हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव के पास ये दिव्य चिन्ह कैसे आए? सावन के इस पावन महीने में आइए जानें उनसे जुड़ी कुछ अद्भुत और भावनात्मक पौराणिक कथाएं—

भगवान शिव को कैसे मिला त्रिशूल?

पौराणिक कथा के अनुसार, सृष्टि के आरंभ में जब ब्रह्मनाद से भगवान शिव प्रकट हुए, तो उनके साथ रज, तम और सत—ये तीनों गुण भी प्रकट हुए। लेकिन इन तीनों के संतुलन के बिना सृष्टि का संचालन संभव नहीं था। देवों के देव महादेव ने इन तीनों गुणों का सामंजस्य बनाए रखने के लिए उन्हें त्रिशूल के रूप में अपने हाथों में धारण कर लिया। यह त्रिशूल केवल अस्त्र नहीं बल्कि सृष्टि की ऊर्जा का प्रतीक बन गया। भक्तों के लिए ये सीख है कि जीवन में संतुलन आवश्यक है।

भगवान शंकर को कैसे मिला डमरू?

भगवान शिव के हाथों में डमरू आने की कहानी भी बड़ी रोचक और भावनात्मक है। कहते हैं कि जब सृष्टि की शुरुआत हुई और देवी सरस्वती प्रकट हुईं, तो उन्होंने अपनी वीणा से ध्वनि तो उत्पन्न की लेकिन उसमें कोई लय नहीं थी। उस समय भगवान शिव ने अपने आनंद तांडव में 14 बार डमरू बजाया। इस डमरू से निकली ध्वनि से सुर-ताल उत्पन्न हुए और सृष्टि में संगीत और लय का जन्म हुआ। शिव महापुराण में डमरू को ब्रह्मा जी का स्वरूप माना गया है। यह दर्शाता है कि सृजन के साथ-साथ विनाश में भी एक सुंदर तालमेल होता है।

भगवान शिव के गले में कैसे आया नाग?


भगवान शिव के गले में लिपटा हुआ नाग केवल एक सजावट नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपे वात्सल्य का प्रतीक है। शिव महापुराण में वर्णन मिलता है कि ये नागों के राजा वासुकी हैं। सागर मंथन के समय वासुकी ने रस्सी का कार्य किया था और तब भगवान शिव की भक्ति में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी इस अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें अपने गले में स्थान दिया और उन्हें अमरता का वरदान दिया। वासुकी अब न सिर्फ नागों के राजा हैं, बल्कि भगवान शिव के सबसे प्रिय आभूषण भी हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
अश्वथ मारिमुथु की 'धर्मन' से रजनीकांत का दमदार फर्स्ट लुक जारी, डॉक्टर अवतार चर्चा में
अश्वथ मारिमुथु की 'धर्मन' से रजनीकांत का दमदार फर्स्ट लुक जारी, डॉक्टर अवतार चर्चा में
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, छोटी सी गलती भी बढ़ा सकती है त्वचा का रूखापन
मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, छोटी सी गलती भी बढ़ा सकती है त्वचा का रूखापन
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन