न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

खग्रास चंद्र ग्रहण के साथ पितृपक्ष की शुरुआत, सौ साल बाद बना अद्भुत संयोग, सूर्य ग्रहण के साथ समाप्ति

इस बार पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेगा, लेकिन विशेष स्थिति के कारण इसमें 16 के बजाय केवल 15 दिन ही श्राद्ध होंगे, क्योंकि तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही है।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Sun, 07 Sep 2025 1:34:39

खग्रास चंद्र ग्रहण के साथ पितृपक्ष की शुरुआत, सौ साल बाद बना अद्भुत संयोग, सूर्य ग्रहण के साथ समाप्ति

भाद्रपद मास की पूर्णिमा पर इस बार खग्रास चंद्र ग्रहण के साथ पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है। यह दुर्लभ संयोग लगभग 100 साल बाद बना है, जब श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ चंद्र ग्रहण से और समापन सूर्य ग्रहण के साथ होगा। इस बार पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेगा, लेकिन विशेष स्थिति के कारण इसमें 16 के बजाय केवल 15 दिन ही श्राद्ध होंगे, क्योंकि तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही है।

कब और कैसा रहेगा चंद्र ग्रहण

खग्रास चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। ग्रहण का सूतक दोपहर 12:57 बजे लगेगा, जबकि रात 9:57 बजे से इसका पूर्ण चरण आरंभ होगा। यह ग्रहण रात 11:41 बजे समाप्ति की ओर बढ़ेगा और रात 12:30 बजे मोक्ष प्राप्त करेगा। कुल मिलाकर इसकी अवधि करीब 3 घंटे 30 मिनट की होगी। ग्रहण काल के दौरान शयन काल रहने के कारण खाने-पीने की वस्तुओं में कुशा या डाभ रखना शुभ माना जाता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

ग्रहण काल में जप और हवन करना अत्यंत फलदायी होता है। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्य शीघ्र फल प्रदान करते हैं। हालांकि, सूतक काल में आरती और पूजा निषिद्ध मानी जाती है, यहां तक कि बड़े मंदिरों के पट भी बंद हो जाते हैं। भोजन केवल बालकों और रोगियों को ही ग्रहण करने की अनुमति होती है। जो लोग पूर्णिमा पर श्राद्ध करते हैं, उन्हें सूतक आरंभ होने से पहले यानी 12:57 बजे तक श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान पूरा कर लेना चाहिए।

15 दिन का रहेगा श्राद्ध पक्ष


इस बार पितृपक्ष 16 दिनों के बजाय केवल 15 दिनों का रहेगा। 10 सितंबर को तृतीया और चतुर्थी तिथियां एक साथ होने के कारण एक दिन कम हो जाएगा। पितृपक्ष के दौरान हर व्यक्ति को अपने पूर्वजों की तिथि पर श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए। मान्यता है कि इस दौरान चींटी, कौआ, श्वान, गाय और ब्राह्मण को अन्नदान करना विशेष महत्व रखता है। ब्राह्मणों को घर में बना भोजन कराना सबसे श्रेष्ठ माना गया है, जबकि होटल या हलवाई से मंगाए गए भोजन को उचित नहीं माना जाता।

पितृपक्ष का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यता के अनुसार, श्राद्ध शब्द श्रद्धा से बना है। यह अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है। माना जाता है कि पितृपक्ष में किए गए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध से न केवल पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि कर्ता को भी पितृ ऋण से मुक्ति प्राप्त होती है। विशेष रूप से रोहिणी मुहूर्त में किया गया श्राद्ध अत्यंत शुभ माना गया है।

पूर्वजों के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि

शास्त्रों के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान पूर्वज धरती पर आते हैं और श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण से प्रसन्न होकर परिवार को सुख, समृद्धि और वैभव का आशीर्वाद देते हैं। आचार्यों का मानना है कि श्राद्ध केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा भी है, जो पीढ़ियों को जोड़ने का माध्यम बनती है।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे विपक्षी नेता, 17 दिन के अनशन के बाद बिगड़ी सेहत
सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे विपक्षी नेता, 17 दिन के अनशन के बाद बिगड़ी सेहत
राम मंदिर दान चोरी मामले में ट्रस्ट का बड़ा खुलासा, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी बोले- करीब 3 करोड़ रुपये की हुई है चोरी
राम मंदिर दान चोरी मामले में ट्रस्ट का बड़ा खुलासा, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी बोले- करीब 3 करोड़ रुपये की हुई है चोरी
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों को लेकर भारत का सख्त रुख, ईरान के सामने दर्ज कराया कड़ा विरो
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों को लेकर भारत का सख्त रुख, ईरान के सामने दर्ज कराया कड़ा विरो
क्या भाजपा को घेरने के लिए CM विजय और DMK आएंगे साथ? जानिए क्या है 'स्प्लिट अलायंस'
क्या भाजपा को घेरने के लिए CM विजय और DMK आएंगे साथ? जानिए क्या है 'स्प्लिट अलायंस'
पत्नी की हत्या कर शव कार में रखा, घंटों घूमता रहा पति, फिर किया सरेंडर
पत्नी की हत्या कर शव कार में रखा, घंटों घूमता रहा पति, फिर किया सरेंडर
'फुंसुक वांगड़ू को मरने मत दीजिए', सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे '3 इडियट्स' के चतुर रामालिंगम, साझा किया भावुक वीडियो
'फुंसुक वांगड़ू को मरने मत दीजिए', सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे '3 इडियट्स' के चतुर रामालिंगम, साझा किया भावुक वीडियो
अमेरिका से पहले चीन ने मारी बाजी, दुनिया का पहला एजेंटिक AI स्मार्टफोन किया लॉन्च
अमेरिका से पहले चीन ने मारी बाजी, दुनिया का पहला एजेंटिक AI स्मार्टफोन किया लॉन्च
नाश्ते में ट्राई करें स्वादिष्ट मखाना भेल, हेल्दी होने के साथ मिलेगा चटपटा स्वाद; मिनटों में तैयार
नाश्ते में ट्राई करें स्वादिष्ट मखाना भेल, हेल्दी होने के साथ मिलेगा चटपटा स्वाद; मिनटों में तैयार
क्या आपका बच्चा छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करता है? कहीं आपकी ये 5 पेरेंटिंग आदतें तो नहीं हैं इसकी वजह
क्या आपका बच्चा छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करता है? कहीं आपकी ये 5 पेरेंटिंग आदतें तो नहीं हैं इसकी वजह
डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम
डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम
शेविंग के बाद त्वचा में हो रही जलन को ऐसे करें शांत, ये 5 घरेलू उपाय देंगे राहत
शेविंग के बाद त्वचा में हो रही जलन को ऐसे करें शांत, ये 5 घरेलू उपाय देंगे राहत
1600 और 140 सीरीज वाले नंबरों पर TRAI का स्पष्टीकरण, जानिए किन कॉल्स को ब्लॉक किया जा सकता है और किन्हें नहीं
1600 और 140 सीरीज वाले नंबरों पर TRAI का स्पष्टीकरण, जानिए किन कॉल्स को ब्लॉक किया जा सकता है और किन्हें नहीं
अयोध्या के बाद अब पुणे में रणबीर कपूर का करोड़ों का निवेश, 25 एकड़ जमीन खरीदी
अयोध्या के बाद अब पुणे में रणबीर कपूर का करोड़ों का निवेश, 25 एकड़ जमीन खरीदी
Nothing Phone (4b) की पहली सेल आज से शुरू, लॉन्च कीमत से 5,000 रुपये तक सस्ता खरीदने का मौका
Nothing Phone (4b) की पहली सेल आज से शुरू, लॉन्च कीमत से 5,000 रुपये तक सस्ता खरीदने का मौका