
भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि का दिन पूरे भारतवर्ष के लिए बेहद पावन माना जाता है। इसी दिन द्वापर युग में भगवान विष्णु ने अपने आठवें अवतार के रूप में गोकुल में श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया था। नटखट माखनचोर, गोपियों के प्रिय और धर्म के रक्षक श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भक्तगण बड़े हर्षोल्लास से मनाते हैं।
इस अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट होती है, झांकियां निकाली जाती हैं और घर-घर में लड्डू गोपाल का श्रृंगार कर उन्हें झूला झुलाया जाता है। भक्त व्रत-उपवास कर भजन-कीर्तन के साथ श्रीकृष्ण के प्रति अपना प्रेम व्यक्त करते हैं। आधुनिक समय में सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग शुभकामनाएं और बधाई संदेश साझा कर इस पर्व की खुशियां फैलाते हैं।
यदि आप भी इस जन्माष्टमी अपने प्रियजनों को सुंदर और दिल छू लेने वाले संदेश भेजना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विशेष मैसेज आपके लिए उपयुक्त रहेंगे। इन्हें आप व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक या ट्विटर पर शेयर कर सकते हैं।
भावपूर्ण जन्माष्टमी शुभकामनाएं
"माखन चुराने वाला नंदलाला, बंसी बजाकर मन मोहने वाला प्यारा गोपाला, उसी के जन्मदिन पर मनाएं हर्ष अपार – जिसने दिया प्रेम और करुणा का उपहार।"
"जिसने प्रीत की डोर से सबको बांधा, वही है गोकुल का नटखट माधव। हर ओर गूंजे उसका ही नाम – नंदकिशोर कन्हैया का जयगान।"
"मुरली की मीठी धुन में खो जाओ, कृष्ण प्रेम में रंगे हो जाओ। इस जन्माष्टमी जलाओ भक्ति के दीप और सजाओ आंगन श्रीकृष्ण के स्मरण से।"
"श्याम सुंदर की मोहक छवि, हर दिल को कर दे दीवाना। इस जन्माष्टमी पर उन्हें करें समर्पित अपना मन और गुनगुनाएं – हैप्पी बर्थडे टू यू मेरे प्यारे कान्हा।"
"श्याम रंग में रंग जाएं, दिन-रात नाम जप करें। इस जन्माष्टमी कान्हा को अपने दिल का राजा बनाएं।"
"नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की आपको और आपके परिवार को ढेरों शुभकामनाएं।"
"हे कृष्ण गोविन्द, हरे मुरारी – तुम ही हो जग के पालनहारी। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर सबको दो आशीर्वाद अपार।"
"कण-कण में बसा है कान्हा, हर धड़कन में समाया है कान्हा। जीवन के हर रंग में मिलता है वो – सबके साथ, सबके भीतर वही।"
"नटखट नंदलाल, सबके प्यारे गोपाल। जिसकी अदा है सबसे निराली, वही है ब्रज का कन्हैया लाला।"
"प्रेम का पाठ पढ़ाने वाला, बचपन में जिसने रचाए अनगिनत खेल। जन्माष्टमी पर हर दिल में गूंजे वही नाम – श्रीकृष्ण, हमारे जीवन का मंगल गान।"














