
वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार, 15 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी है। यह एकादशी हर साल अगहन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। इस दिन विशेष रूप से लक्ष्मी-नारायण की भक्ति भाव से पूजा की जाती है और व्रत का पालन किया जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, उत्पन्ना एकादशी का व्रत करने से साधक पर देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है और जीवन में समृद्धि आती है।
साथ ही, इस दिन चंद्रमा का राशि परिवर्तन भी होने वाला है। चंद्र गोचर के कारण कुछ राशियों के जातकों के जीवन में विशेष बदलाव आएंगे। इस गोचर से फंसा हुआ पैसा वापस आएगा, लाभ के योग बनेंगे और मन की चिंता दूर होगी। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में विस्तार से—
सिंह राशि
चंद्र देव का कन्या राशि में गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ साबित होगा। पहले चंद्र देव सिंह राशि में स्थित थे, लेकिन गोचर के दौरान उनका प्रभाव धन भाव पर दिखाई देगा। इसका सीधा लाभ आर्थिक स्थिति में सुधार, बिगड़े हुए कामों की सफलता और फंसे हुए पैसों की वापसी में मिलेगा।
इस अवधि में भविष्य की योजना बनाने के लिए भी अनुकूल समय है। जीवन में सुख-समृद्धि आएगी, किसी मित्र या सहयोगी से मदद मिल सकती है। पुराने गिले-शिकवे खत्म होंगे और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चंद्र देव का कन्या राशि में गोचर आर्थिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से लाभकारी रहेगा। व्यवसाय और नौकरी में वृद्धि के योग बनेंगे। घर पर मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है।
इस समय किसी खास व्यक्ति से मुलाकात सुखद परिणाम दे सकती है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, विशेषकर जल से संबंधित स्थानों की ओर। घर पर मेहमान आगमन से वातावरण आनंदमय रहेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और माता-पिता के साथ संबंध मधुर होंगे। बड़ी खुशखबरी मिल सकती है और भाई-बहनों के साथ संबंधों में सुधार होगा।बड़े भाई से आपके रिश्ते मधुर होंगे। माता-पिता की सेवा करें। रुके काम बनेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।














