बंगाल में कांग्रेस की वापसी, 2 सीटों पर जीत; फरक्का में बीजेपी को हराया, रानीनगर में TMC को दी शिकस्त

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया और ममता बनर्जी के लंबे समय से चले आ रहे शासन का अंत कर दिया। बीजेपी ने कुल 206 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई और एक सीट पर बढ़त बनाए रखी। इस बड़े बदलाव के बीच कांग्रेस ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए दो सीटों पर जीत हासिल की, जो पिछले चुनाव के मुकाबले अहम सुधार माना जा रहा है, क्योंकि तब पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई थी।

कांग्रेस की ये जीत फरक्का और रानीनगर सीटों पर आई है, जहां पार्टी के उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन किया। फरक्का सीट से कांग्रेस के मोताब शेख ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार सुनील चौधरी को 8,193 वोटों के अंतर से हराया। इस सीट पर सुनील चौधरी को 54,857 वोट मिले, जबकि तीसरे स्थान पर रहे तृणमूल कांग्रेस के अमिरुल इस्लाम को 47,256 वोट प्राप्त हुए।

वहीं रानीनगर सीट पर कांग्रेस के जुल्फीकार अली ने कड़ा मुकाबला जीतते हुए तृणमूल कांग्रेस को शिकस्त दी। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार अब्दुल सौमिक हुसैन को 2,701 वोटों से हराया। जुल्फीकार अली को कुल 79,423 वोट मिले, जबकि सौमिक हुसैन को 76,722 वोट हासिल हुए। इस सीट पर सीपीआईएम के जमल हुसैन तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 48,587 वोट मिले।
अगर कुल सीटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चुनाव आयोग के अनुसार बीजेपी ने 206 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही और एक सीट पर आगे चल रही है। कांग्रेस ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को भी 2 सीटें मिलीं। इसके अलावा CPI(M) और AISF को 1-1 सीट पर संतोष करना पड़ा। कुल 292 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिनमें बीजेपी का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, लेकिन फाल्टा सीट पर मतदान रद्द होने के कारण 293 सीटों पर ही मतगणना हुई। फिलहाल घोषित नतीजों में बीजेपी की बढ़त और जीत ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है, जबकि कांग्रेस ने भी सीमित ही सही, लेकिन वापसी के संकेत जरूर दिए हैं।