शुभेंदु अधिकारी का बड़ा एक्शन, पहली कैबिनेट बैठक में BSF को 45 दिन में जमीन देने का फैसला, कई अहम निर्णयों पर लगी मुहर

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने प्रशासनिक मोर्चे पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। सोमवार को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे साफ संकेत मिला कि राज्य सरकार अब केंद्र की नीतियों के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ने की तैयारी में है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार “डबल इंजन मॉडल” के तहत काम करेगी, जैसा कि देश के अन्य एनडीए शासित राज्यों में देखने को मिलता है।

पहली ही कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला सीमा सुरक्षा बल यानी Border Security Force को सीमावर्ती इलाकों में जरूरी जमीन उपलब्ध कराने को लेकर लिया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और भूमि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी।

नबान्न में हुई इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अलावा Agnimitra Paul, Nisith Pramanik, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार पारदर्शिता, सुरक्षा और विकास के एजेंडे पर काम करेगी। उन्होंने बंगाल के मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों, राज्य पुलिस, कोलकाता पुलिस और सभी राजनीतिक दलों के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अहंकार नहीं बल्कि नीति और जनहित के आधार पर फैसले लेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के “भय आउट, भरोसा इन” मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता का विश्वास जीतना और राज्य में सुरक्षित माहौल बनाना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। उनके अनुसार बंगाल में अब सुशासन और विकास की नई शुरुआत हो चुकी है।

बैठक के दौरान कई अन्य अहम फैसलों पर भी मुहर लगी। राज्य सरकार ने ऐलान किया कि पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं से सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। इनमें Ayushman Bharat, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना और अन्य केंद्रीय योजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए आम लोगों को सीधे लाभ पहुंचाया जाएगा।
इसके अलावा प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़े जाने का फैसला लिया गया है। साथ ही राज्य में भारतीय न्याय संहिता यानी Bharatiya Nyaya Sanhita के अनुरूप प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को ढालने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जाएंगे।

युवाओं को राहत देते हुए राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इससे बड़ी संख्या में उन युवाओं को मौका मिलेगा जो उम्र सीमा के कारण अब तक आवेदन नहीं कर पा रहे थे।

कैबिनेट बैठक में जनगणना से जुड़ा एक अहम फैसला भी लिया गया। गृह मंत्रालय द्वारा 16 जून 2025 को जारी जनगणना निर्देशों को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय किया गया है। नई सरकार का कहना है कि पिछली सरकार ने इन निर्देशों को लंबे समय तक लंबित रखा था, लेकिन अब इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक के अंत में कहा कि राज्य सरकार जनता के लिए, जनता के द्वारा और जनता की भावना के अनुरूप काम करेगी। उन्होंने डॉ. B. R. Ambedkar के लोकतांत्रिक आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था, विकास और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत बनाना उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य रहेगा।