पश्चिम बंगाल में अवैध कब्जों पर सख्त रुख, सिलीगुड़ी में बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी; यूपी से मंगाए जाएंगे 24 मशीनें

सिलीगुड़ी में प्रशासनिक सख्ती के नए दौर की शुरुआत होती दिख रही है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद कानून-व्यवस्था और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इसी क्रम में सिलीगुड़ी क्षेत्र में अवैध कब्जों और बिना अनुमति बने निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई की योजना तैयार की गई है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्टा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जल्द ही अवैध ढांचों को हटाने के लिए बुलडोजर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश से लगभग दो दर्जन बुलडोजर मंगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गुरुवार को सिलीगुड़ी महकमा शासक कार्यालय में हुई अहम प्रशासनिक बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई।

यूपी से बुलडोजर लाने की तैयारी, प्रशासनिक बैठक में बड़ा फैसला

इस उच्च स्तरीय बैठक में महकमा शासक, पुलिस कमिश्नर, दार्जिलिंग जिले के एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अवैध कब्जों को हटाने, नशा कारोबार पर रोक लगाने और अवैध रूप से चल रहे शराब ठिकानों, बार और पब के खिलाफ कार्रवाई जैसे कई मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

बैठक के बाद सांसद राजू बिष्टा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सिलीगुड़ी में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए उत्तर प्रदेश से करीब 24 बुलडोजर मंगवाने का निर्णय लिया गया है, ताकि अभियान को तेजी और प्रभावी तरीके से चलाया जा सके।

नगर निगम पर सवाल, कार्रवाई में ढिलाई का आरोप

राजू बिष्टा ने सिलीगुड़ी नगर निगम की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नगर निगम अवैध निर्माणों पर रोक लगाने में अब तक पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही इस मुद्दे को लेकर नगर निगम अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की जाएगी और उनसे जवाब मांगा जाएगा।

बीजेपी सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी जमीन, नदी किनारों और शहर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में हुए सभी अवैध कब्जों को जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो प्रशासन को स्वयं बुलडोजर चलाकर इन अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई करनी पड़ेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शहर में नशा कारोबार, अवैध रेत खनन, गैरकानूनी टोल वसूली और जमीन दलाली जैसे मामलों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
चुनावी वादों से जुड़ा 'योगी मॉडल' का संदर्भ

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं ने कई बार राज्य में “योगी मॉडल” जैसी प्रशासनिक सख्ती लागू करने की बात कही थी। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल के दौरान अवैध कब्जों और आपराधिक गतिविधियों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी।

यूपी में माफिया और अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई लगातार कार्रवाइयों को कानून-व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया था। अब पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की सख्त प्रशासनिक रणनीति की शुरुआत को “योगी मॉडल” से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।