दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बड़ी बैठक, शरद पवार का संदेश—‘तीन साल का समय है, सभी को साथ जोड़ना जरूरी’

दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के तमाम घटक दलों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार करने और विपक्षी एकता को मजबूत करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत करीब 25 राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने इस बैठक में हिस्सा लिया। वहीं डीएमके और आम आदमी पार्टी ने इस गठबंधन से दूरी बनाए रखी है, दोनों दलों ने पहले कांग्रेस पर भरोसा तोड़ने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।

इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, टीएमसी की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (उबाठा) के उद्धव ठाकरे सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। जैसे-जैसे बैठक आगे बढ़ी, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता स्थल पर पहुंचते नजर आए, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक सक्रिय हो गया।

बैठक के बाद सामने आए प्रमुख फैसले

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि विपक्षी दलों ने नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई है। साथ ही बैठक में कुल पांच अहम विषयों पर सहमति बनी है। इनमें एसआईआर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखने का निर्णय भी शामिल है। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि संसद के मानसून सत्र के दौरान रोजाना विपक्षी नेता, विपक्ष के नेता के कार्यालय में बैठक करेंगे ताकि रणनीति को लगातार मजबूत किया जा सके।

खरगे का बयान—एकजुटता और संवाद पर जोर

बैठक की शुरुआत करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस गठबंधन ने मिलकर भाजपा के कई विवादित और कथित जनविरोधी विधेयकों को रोकने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देश में कई गंभीर समस्याएं मौजूद हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। खरगे ने सभी नेताओं से अपील की कि वे खुलकर अपनी बात रखें ताकि आगे की रणनीति स्पष्ट की जा सके।

उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से बैठक की कार्यवाही को आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया, ताकि चर्चा को सही दिशा मिल सके।
शरद पवार का अहम संदेश

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने बैठक में कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में प्रमुख नेताओं की एक और बैठक होगी, जिसमें आगे की दिशा तय की जाएगी और किसी न किसी समाधान पर पहुंचा जाएगा।

पवार ने कहा कि यह बैठक एक सामान्य समीक्षा बैठक है, इसलिए किसी भी तरह के चरम या कठोर रुख से बचने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से सुप्रिया सुले भी बैठक में शामिल हुई हैं और शाम तक बैठक के परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे। इसके बाद एक और समीक्षा बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले तीन वर्षों तक कोई बड़ा चुनाव नहीं है, इसलिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है और सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।

बैठक में शामिल प्रमुख दल

इस बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), एनसीपी (शरदचंद्र पवार), सीपीआई (एम), सीपीआई, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन, आरएसपी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, विदुथलाई चिरुथैगल काची, एमडीएमके, आरएलडी (बेनीवाल), केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम), विकासशील इंसान पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी सहित कई दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

दो साल बाद हुई विपक्षी गठबंधन की अहम बैठक

यह INDIA ब्लॉक की एक औपचारिक और व्यापक बैठक थी, जो लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की गई है। इस बैठक में 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया। विपक्ष का लक्ष्य है कि केंद्र सरकार के खिलाफ एक मजबूत और संगठित मोर्चा तैयार किया जाए।

हाल के चुनावी परिणामों और बदलते राजनीतिक समीकरणों ने विपक्षी दलों को एक बार फिर एकजुट होने के लिए प्रेरित किया है। खासकर पश्चिम बंगाल में मिली चुनौतियों ने इस एकता की आवश्यकता को और अधिक बढ़ा दिया है।

दिल्ली में राजनीतिक पोस्टरों से माहौल गर्म

बैठक से पहले राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। इन पोस्टरों में INDIA गठबंधन के नेताओं के एक-दूसरे के खिलाफ दिए गए पुराने बयानों को उजागर किया गया है।

इन पोस्टरों में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि जो दल आपस में सहमत नहीं हैं, वे मिलकर बड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर कितने प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगे। ये पोस्टर भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगाए जाने की बात कही जा रही है, जिससे बैठक से पहले ही राजनीतिक बहस और तेज हो गई।