TMC में दरार! दिल्ली में ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका, राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे का इस्तीफा

दिल्ली की सियासत में INDIA गठबंधन की अहम बैठक से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच संगठन में टूट के संकेत खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी क्रम में राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। यह पहली बार है जब ममता बनर्जी को राष्ट्रीय राजधानी में अपने ही सांसदों के बीच इस तरह की असहमति का सामना करना पड़ा है।

सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी तृणमूल कांग्रेस की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर होती दिख रही है। पार्टी नेतृत्व पहले से ही संगठन के भीतर असंतोष की आशंका जता रहा था, जो अब वास्तविक रूप में सामने आने लगा है।

विधायकों के बाद अब सांसदों में भी असंतोष के संकेत

सुखेंदु शेखर रे ने कुछ दिनों पहले ही यह संकेत दिया था कि पार्टी के भीतर चल रहा असंतोष केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर संसद तक भी पहुंच सकता है। उन्होंने कहा था कि हाल के दिनों में जिस तरह से विधायकों ने खुले तौर पर नेतृत्व के खिलाफ रुख अपनाया है, वह पार्टी के लिए गंभीर चेतावनी है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले तृणमूल कांग्रेस के कई विधायकों ने विधानसभा में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और संगठन पर नियंत्रण को लेकर खुली चुनौती दी थी। इसे पार्टी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक संकट माना जा रहा है, जिसने नेतृत्व की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सांसद ने जताई चिंता, लोकसभा पर भी असर की आशंका

एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान रे ने कहा कि जिस गति से और बड़े पैमाने पर असंतोष सामने आया है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इसका असर आने वाले समय में लोकसभा तक भी पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा, “मैंने पहले कभी नहीं देखा कि इतनी बड़ी संख्या में विधायक इतने कम समय में नेतृत्व से अलग रुख अपनाएं। जो स्थिति बन रही है, उसका असर संसद के निचले सदन में भी देखने को मिल सकता है।”

वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के पास लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने पार्टी की एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभिषेक बनर्जी के दिल्ली दौरे से भी बढ़ी चर्चा

इसी बीच पार्टी के भीतर चल रही हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी भी शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। पार्टी सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि यह निर्णय अचानक नहीं था, बल्कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की सहमति से लिया गया था।

सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले ही उन्हें दिल्ली जाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि हालात पर केंद्रीय स्तर पर नजर रखी जा सके। हालांकि रविवार को उनके दिल्ली में कार्यक्रमों को लेकर स्पष्टता नहीं बन पाई थी, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।

TMC के लिए चुनौतीपूर्ण दौर

पश्चिम बंगाल और दिल्ली दोनों स्तरों पर तृणमूल कांग्रेस इस समय आंतरिक अस्थिरता और राजनीतिक दबाव के दौर से गुजरती नजर आ रही है। विधायकों के बाद सांसदों के रुख में बदलाव ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या पार्टी नेतृत्व इन दरारों को पाटने में सफल हो पाता है या यह असंतोष और गहराता है।