'मेरे बाद किसी और मां की गोद सूनी न हो'; शुभेंदु के PA चंद्रनाथ की मां ने हत्यारों के लिए बताई कैसी सजा चाहिए

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के दौर में घिर गई है। भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की सियासत को गर्मा दिया है। बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में उनके घर के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग संभल पाते, उससे पहले ही हमलावर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद भाजपा ने सीधे तौर पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है, जबकि मृतक की मां ने भी अपने बेटे की हत्या को राजनीतिक साजिश बताया है।

चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ का दर्द और गुस्सा दोनों उनके बयान में साफ दिखाई दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या के पीछे तृणमूल कांग्रेस के लोगों का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक विरोधियों को डराने और खत्म करने की संस्कृति चल रही है। हालांकि बेटे की मौत से टूट चुकी मां ने दोषियों के लिए फांसी की मांग नहीं की। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहती कि किसी और मां की गोद सूनी हो। जिन्होंने मेरे बेटे को मारा है, उन्हें उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए ताकि वे जिंदगीभर अपने अपराध का बोझ महसूस करें।”

उन्होंने आगे कहा कि उनका बेटा राजनीति में सक्रिय जरूर था, लेकिन किसी का बुरा नहीं चाहता था। उनके मुताबिक चंद्रनाथ हमेशा लोगों की मदद करने के लिए आगे रहते थे और शुभेंदु अधिकारी के साथ लंबे समय से जुड़े हुए थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने शुभेंदु अधिकारी का धन्यवाद भी किया और कहा कि उन्होंने हमेशा उनके परिवार का साथ दिया।

इस हत्याकांड के बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया मर्डर है। अधिकारी के अनुसार हमलावर कई दिनों से चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और रेकी करने के बाद ही हमला किया गया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि चंद्रनाथ को चार गोलियां मारी गई थीं, जिससे साफ है कि हमलावर उन्हें जिंदा छोड़ना ही नहीं चाहते थे।

शुभेंदु अधिकारी ने इस हत्या को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उनके करीबी लोगों को डराने की कोशिश हो रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य पिछले कई वर्षों से “जंगलराज” की स्थिति में जी रहा है, जहां राजनीतिक हिंसा आम हो चुकी है।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि इस हत्या को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। TMC ने बयान जारी कर घटना की निंदा की और कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। पार्टी ने दावा किया कि यह घटना चुनाव के बाद फैल रही हिंसा की कड़ी हो सकती है, जिसमें भाजपा समर्थित असामाजिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे मामले में कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और असली दोषियों का पता चल सकेगा। वहीं भाजपा लगातार राज्य सरकार पर हमलावर बनी हुई है और इसे विपक्षी नेताओं को डराने की राजनीति बता रही है।

अब यह मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ भाजपा इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है, तो दूसरी ओर TMC खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति और कानून व्यवस्था पर बड़ी बहस का कारण बन सकता है।