कार हादसे में भजन गायक की दर्दनाक मौत, हल्दीघाटी से चित्तौड़गढ़ लौटते वक्त पलटी गाड़ी, बेटे और साथी भी थे साथ

उदयपुर जिले से एक दुखद सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसमें मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी का निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब वे एक भजन संध्या कार्यक्रम में शामिल होकर अपने परिवार और साथियों के साथ वापस लौट रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ने से कार पलट गई, जिससे यह दर्दनाक घटना घटित हुई। इस हादसे में कार चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका इलाज जारी है।

कार्यक्रम से लौटते वक्त हुआ दर्दनाक हादसा


जानकारी के अनुसार, धनराज जोशी अपने बेटे और साथियों के साथ हल्दीघाटी के समीप सैमन गांव में आयोजित भजन संध्या में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद सभी लोग गुरुवार रात अपने गृह नगर चित्तौड़गढ़ के बड़वाई गांव के लिए रवाना हुए थे।

रास्ते में उदयपुर में किसी निजी कार्य के चलते उनके बेटे और कुछ साथी बीच रास्ते में कार से उतर गए थे। इसके बाद भजन गायक और ड्राइवर आगे की यात्रा पर निकल पड़े।

इसी दौरान डबोक थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-27 पर दरोली गांव और एयरपोर्ट के बीच अचानक वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया। कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई, जिससे यह भीषण हादसा हो गया। घटना सुबह करीब 5 बजे के आसपास की बताई जा रही है।

मौके पर पहुंची पुलिस, अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास से गुजर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। डबोक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल भजन गायक और ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने जांच के बाद धनराज जोशी को मृत घोषित कर दिया, जबकि ड्राइवर राजेंद्र सोनेरी का इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

थानाधिकारी गोपाल नाथ के अनुसार, धनराज जोशी चित्तौड़गढ़ जिले के बड़वाई गांव के निवासी थे और मेवाड़ क्षेत्र में अपनी अनोखी भजन शैली और प्रस्तुति के लिए जाने जाते थे।
मेवाड़ और मारवाड़ में लोकप्रिय कलाकार

धनराज जोशी सिर्फ एक भजन गायक ही नहीं बल्कि अपनी हास्य शैली और मंचीय प्रस्तुति के लिए भी काफी लोकप्रिय थे। उनकी आवाज और अनोखे अंदाज ने उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाई थी।

वे अक्सर भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते थे, जहां बड़ी संख्या में लोग उनकी प्रस्तुति सुनने पहुंचते थे। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग थी, जहां उनके कई वीडियो लगातार वायरल होते रहते थे।

साधारण पृष्ठभूमि से बने लोकप्रिय कलाकार


धनराज जोशी का जीवन बेहद साधारण पृष्ठभूमि से शुरू हुआ था। वे केवल कक्षा 8वीं तक पढ़े थे। बचपन में उन्होंने पहली बार स्कूल में स्टेज पर गाना प्रस्तुत किया था, जो उनके संगीत सफर की शुरुआत साबित हुआ।

उनके परिवार में भी संगीत का माहौल था। उनके नाना-नानी और मां भोली बाई भी भजन गायन से जुड़े हुए थे। वे चार बहनों में इकलौते भाई थे। उनकी बहनें भी भजन गीत गाती थीं, लेकिन धनराज जोशी को ही सबसे अधिक पहचान और लोकप्रियता मिली।

उनके परिवार में दो बेटे गणपत और सोनू तथा एक बेटी किरण है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है और संगीत जगत ने एक लोकप्रिय कलाकार को खो दिया है।