राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों में राज्यभर में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की जान चली गई। वहीं कई स्थानों पर जलभराव, सड़कें डूबी और आवागमन बाधित हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए राज्य के नौ जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
बारिश से जुड़े हादसों में छह की मौतबिलवाड़ा के जहाजपुर में दो सगे भाई जो बकरियां चराने गए थे, ओवरफ्लो हो रही नाली में बह गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। इसी तरह, राजसमंद के केलवाड़ा थाना क्षेत्र के पीपला पंचायत में एक भाई-बहन की जोड़ी तालाब में डूब गई। ब्यावर में एक किशोर कीचड़ में गिरने से जान गंवा बैठा, जबकि भरतपुर के रूढ़ावल कस्बे में आकाशीय बिजली गिरने से दो मंजिला मकान ढह गया, जिसकी चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई।
स्कूल बस और गाड़ियां फंसीं, SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशनउदयपुर जिले की मावली तहसील के बोयना गांव में रेलवे अंडरब्रिज के नीचे जलभराव में एक स्कूल बस फंस गई। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
राजसमंद जिले के खमनोर थाना क्षेत्र के माचिंद गांव में बारिश के तेज बहाव में दो कारें बह गईं। वहीं बारां जिले के कमठा में नदी के टापू पर फंसे एक ग्रामीण को रात 11:30 बजे एसडीआरएफ ने रेस्क्यू किया। भरतपुर के भंवरगढ़ में राजस्थान रोडवेज की एक बस भी तेज बहाव में फंस गई, जिसे स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाला।
बारिश से कई क्षेत्रों में भारी जलभरावकोटा शहर के कई हिस्सों में लगातार बारिश से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मारवाड़, जोधपुर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में भी पानी भर जाने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
उदयपुर संभाग के चित्तौड़गढ़, राजसमंद, कोटा, झालावाड़, बारां और बूंदी जिलों के साथ-साथ अजमेर, पाली और सिरोही जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने 9 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और अन्य कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बिजली चमकने और आंधी-तूफान की भी संभावना जताई गई है।
बांधों में जलस्तर बढ़ा, कुछ स्थानों पर गेट खोले गएजयपुर, अजमेर और टोंक की जीवन रेखा माने जाने वाले बीसलपुर डैम का जलस्तर बीते 24 घंटों में आठ सेंटीमीटर बढ़कर 314.03 RL मीटर तक पहुंच गया है, जो कुल क्षमता का 73.62 प्रतिशत है।
भरतपुर जिले के रूढ़ावल क्षेत्र में बंध बरेठा डैम में जलस्तर 28 फीट पर पहुंचते ही गेट खोल दिए गए हैं। वहीं करौली जिले के पंचना डैम से 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, क्योंकि उसका जलस्तर 258 मीटर तक पहुंच चुका है, जो कुल क्षमता से केवल 0.62 मीटर कम है।
प्रशासन ने की सतर्कता की अपीलभरतपुर जिला कलेक्टर क़मर चौधरी ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से गुज़रते समय सावधानी बरतें। सिंचाई विभाग और पुलिस प्रशासन लगातार डैमों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
राज्य में भारी बारिश से बनी स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा और जलभराव से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी 48 घंटे राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।