'मिडिल ईस्ट में आने वाला है स्वर्णिम दौर', ईरान समझौते पर ट्रंप के बड़े संकेत

मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच हुए अस्थायी संघर्षविराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख पहले से काफी बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां पहले उनके बयान बेहद सख्त और आक्रामक हुआ करते थे, वहीं अब उन्होंने इस समझौते को शांति और प्रगति की दिशा में बड़ा कदम बताया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक उत्साहजनक संदेश साझा करते हुए इसे दुनिया के लिए एक अहम दिन करार दिया।

अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि यह दिन वैश्विक शांति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने संकेत दिए कि ईरान भी अब तनाव खत्म कर आगे बढ़ना चाहता है और लंबे समय से चले आ रहे टकराव से सभी पक्ष थक चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, यह बदलाव केवल दो देशों के रिश्तों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में स्थिरता और विकास का रास्ता खोल सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी ट्रंप ने खास टिप्पणी की। उन्होंने भरोसा जताया कि इस अहम समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही जल्द ही सामान्य हो जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करेगा। ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि आने वाले समय में यहां बड़े आर्थिक अवसर पैदा हो सकते हैं और क्षेत्रीय व्यापार को नई गति मिल सकती है। उनके मुताबिक, ईरान अब पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकता है और अमेरिका इस प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए तैयार रहेगा।

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने यह घोषणा अपनी तय समयसीमा खत्म होने से लगभग डेढ़ घंटे पहले की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की पहल पर अमेरिका ने ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है। यह घोषणा उन्होंने अमेरिकी समयानुसार मंगलवार शाम को की। हालांकि, उनके पुराने बयानों को लेकर अमेरिका के भीतर विरोध भी देखने को मिल रहा है, जहां विपक्षी नेताओं ने उनके तीखे रुख पर सवाल उठाए हैं।
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि उनकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत हुई थी। इस दौरान पाकिस्तान की ओर से अनुरोध किया गया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को रोक दे। इसके बदले में ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित और तत्काल खोलने की शर्त रखी गई। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने दो सप्ताह तक ईरान पर किसी भी तरह की बमबारी या हमले रोकने पर सहमति दी है और यह समझौता दोनों पक्षों पर समान रूप से लागू होगा।

वहीं, तेहरान से भी इस समझौते पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दो सप्ताह के संघर्षविराम को मंजूरी दे दी है और आगे की बातचीत के लिए सहमति जताई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को आमने-सामने बैठेंगे, जहां लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में चर्चा की जाएगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बैठक के लिए दोनों देशों को औपचारिक निमंत्रण भी भेजा है, जिससे आने वाले दिनों में कूटनीतिक हल निकलने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।