राजस्थान के करौली जिले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सूरौठ थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पास निजी इंदिरा गांधी स्कूल की बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक हेड मास्टर की जान चली गई, जबकि करीब 10 से 15 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल बस बच्चों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। बस के पलटते ही आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
इस हादसे के दौरान एक और दुखद घटना सामने आई। बाइक से स्कूल जा रहे हेड मास्टर भूर सिंह मीणा बस की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भूर सिंह मीणा भुकरावली गांव के निवासी थे और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, धंधावली में हेड मास्टर के पद पर कार्यरत थे।
दुर्घटना में घायल बच्चों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही सूरौठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। थाना अधिकारी सोहन सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक तौर पर बस के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्कूली वाहनों की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।