टीबी के खिलाफ राजस्थान में तेज होगा अभियान, 2.38 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग; 6,547 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त

राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को अब और तेज किया जाएगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को टीबी की पहचान, जांच और उपचार की प्रक्रिया को सघन करने के साथ कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला स्तर पर अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों को गति दी जानी चाहिए।

एक्स-रे और NAAT जांच बढ़ाने पर जोर

बैठक में टीबी की जल्द पहचान को अभियान की अहम कड़ी बताते हुए वी. श्रीनिवास ने उपलब्ध एक्स-रे मशीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT) की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर उसे अन्य जिलों में लागू करने की बात कही। उनका कहना था कि कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर परिणामों में सुधार किया जाना चाहिए।

मरीजों के परिवार की भी होगी स्क्रीनिंग

बैठक में टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) और डिफरेंशिएटेड टीबी केयर को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि टीबी मरीजों का उचित उपचार सुनिश्चित करने के साथ उनके परिवार के पात्र सदस्यों की भी स्क्रीनिंग की जाए।

जरूरत पाए जाने पर परिवार के सदस्यों को प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देने को कहा गया। इसका उद्देश्य टीबी संक्रमण की संभावित कड़ी को समय रहते पहचानना और रोकथाम के उपायों को मजबूत करना है।

2.38 करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड ने बैठक में अभियान की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 38 लाख 43 हजार 583 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

अभियान के तहत टीबी मरीजों को 2 लाख 4 हजार 888 पोषण किट भी वितरित की गई हैं। वर्ष 2026 में एक्स-रे के उपयोग का स्तर निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 83 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या में बड़ा इजाफा

राजस्थान में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में प्रदेश में 29 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इसके बाद यह संख्या 2023 में 586, 2024 में 3,350 और 2025 में बढ़कर 6,547 ग्राम पंचायतों तक पहुंच गई।

सरकार अब इस प्रगति को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के टीबी उन्मूलन अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।
प्रदेश में 643 NAAT लैब और 784 से ज्यादा एक्स-रे मशीनें

गायत्री राठौड के अनुसार, राजस्थान में टीबी की जांच के लिए 643 NAAT लैब उपलब्ध हैं। इसके अलावा प्रदेश में 132 हैंड-हेल्ड एक्स-रे यूनिट और 652 फिक्स्ड एक्स-रे मशीनें मौजूद हैं।

अभियान के दौरान अब तक 3 लाख 29 हजार से अधिक NAAT टेस्ट और 35 लाख 87 हजार से ज्यादा एक्स-रे किए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने इन संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए जांच की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।

जनभागीदारी बढ़ाने पर भी फोकस


टीबी उन्मूलन अभियान को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने माय भारत स्वयंसेवकों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने और NCC कैडेट्स की ब्लॉक स्तर तक भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही एएनएम, आशा सहयोगिनी और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) जैसे जमीनी स्तर के स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से टीबी मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार कर निर्धारित समयसीमा के भीतर काम करने को कहा। बैठक में एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. जोगा राम सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।