ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पड़ा भारी, बुजुर्ग की मौत के बाद अभिजीत दीपके पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग

मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में ठाणे निवासी गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उनकी मौत के बाद ‘शिवाजी पार्क सिटीजन्स फोरम’ ने दीपके के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में एक स्थानीय वकील की शिकायत के आधार पर पुलिस ने CJP के आयोजकों और 400-500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ FIR भी दर्ज की है।

प्रदर्शन के दौरान अचानक बिगड़ी बुजुर्ग की तबीयत

शिवाजी पार्क थाने के एक अधिकारी के मुताबिक, गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई शाम करीब साढ़े चार बजे CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। करीब पांच बजे उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद उनके दोस्तों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रदर्शन करीब चार बजे शुरू हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक उस समय तेज धूप थी और बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क के आसपास जमा हुए थे। पुलिस की अनुमति नहीं होने के बावजूद भीड़ जुटने का दावा किया गया है। प्रदर्शन के दौरान अव्यवस्था की स्थिति बनने के बाद बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया।

CJP फाउंडर पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग

पिल्लई की मौत के बाद ‘शिवाजी पार्क सिटीजन्स फोरम’ ने अधिकारियों से अभिजीत दीपके के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। फोरम का कहना है कि प्रदर्शन से जुड़ी परिस्थितियों के लिए दीपके को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, शिवाजी पार्क की निवासी और स्थानीय वकील सिद्धि देवलेकर ने भी मामले में पुलिस से शिकायत की है। उनकी शिकायत में CJP नेता अभिजीत दीपके के अलावा आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं। देवलेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि बॉम्बे हाईकोर्ट और महाराष्ट्र सरकार के आदेशों के तहत शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति खारिज कर दी गई थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद CJP नेताओं ने बड़ी संख्या में लोगों को वहां जुटाया। उन्होंने अपने बयान में इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं बताते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर कानून और अदालत के आदेशों की अनदेखी की गई।
आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों पर FIR

शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP के आयोजकों और 400-500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 189 और 223 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराओं 37(1)(3) और 135 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, उपलब्ध संदर्भ में पुलिस की FIR में बुजुर्ग की मौत को हत्या के रूप में दर्ज किए जाने की जानकारी नहीं दी गई है। हत्या का मामला दर्ज करने की मांग शिवाजी पार्क सिटीजन्स फोरम की ओर से की गई है।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्यों प्रदर्शन कर रही थी CJP?

यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के आंदोलन का हिस्सा था। संदर्भ के मुताबिक, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर जानकारी सामने आने के बाद CJP ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आयोग ने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से उठाई गई कई आपत्तियों के बावजूद फैसले किए थे। इसी के बाद प्रमुख विपक्षी दलों के साथ CJP ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।

CJP ने मुंबई के प्रदर्शन के बाद दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस तरह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुरू हुआ राजनीतिक विरोध अब मुंबई में प्रदर्शन के दौरान हुई बुजुर्ग की मौत और आयोजकों के खिलाफ दर्ज FIR के कारण एक अलग विवाद में भी घिर गया है।