प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 घोटाला: OMR शीट में हेरफेर कर नौकरी पाने वाला सरकारी कर्मचारी एसओजी के शिकंजे में

जयपुर। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली और सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और अहम कार्रवाई की है। एसओजी ने प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में ओएमआर (OMR) शीट से छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से चयन हासिल करने वाले एक सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने ओएमआर शीट में की गई हेराफेरी का लाभ उठाकर नौकरी हासिल की थी।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि पुलिस थाना एसओजी में दर्ज प्रकरण संख्या 8/2025 की जांच के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अनुसंधान में पाया गया कि प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 की ओएमआर शीट स्कैन करने का जिम्मा संभालने वाली अधिकृत एजेंसी राभव लिमिटेड के कुछ कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी की थी। आरोप है कि एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों ने कुल 27 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में काट-छांट और फेरबदल कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया, जिसके चलते उन्हें अस्थायी रूप से चयनित करवा दिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अभ्यर्थी पिंटू कुमार मीणा ने एजेंसी से जुड़े लोगों के साथ मिलकर अपनी ओएमआर शीट में हेरफेर करवाई थी। स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान उसके वास्तविक अंकों में बदलाव कर उसे 158 अंक दर्शा दिए गए, जिससे उसका चयन सुनिश्चित हो गया। हालांकि बाद में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा ओएमआर शीट की दोबारा स्कैनिंग कराए जाने पर पूरा मामला उजागर हो गया। पुनः परीक्षण में उसके वास्तविक अंक केवल 105 पाए गए, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
एसओजी ने आरोपी पिंटू कुमार मीणा (पुत्र बत्तीलाल मीणा, उम्र 27 वर्ष), निवासी ढाणी पोखर, ग्राम सांथा, थाना महवा, जिला दौसा को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित केंद्रीय एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत है। बताया गया है कि वह अभी परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि में ही था और इसी दौरान एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस (एसओजी) अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव की निगरानी तथा पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। मामले के अनुसंधान अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक यशवंत सिंह लगातार फरार और वांछित आरोपियों की तलाश में जुटे हुए थे। इसी क्रम में पिंटू कुमार मीणा का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया।

उल्लेखनीय है कि इस भर्ती घोटाले में ओएमआर शीट स्कैनिंग से जुड़ी एजेंसी राभव लिमिटेड के कई कर्मचारियों की भूमिका पहले ही सामने आ चुकी है। एसओजी इससे पहले एजेंसी के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़, शादान खान और कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। अब गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकें।