जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा, खेल, रोजगार और स्वरोजगार जैसे हर क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार पेपर लीक पर सख्ती, रिकॉर्ड स्तर पर सरकारी भर्तियां, स्टार्टअप्स को बढ़ावा और कौशल विकास जैसी पहलों के जरिए युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ‘सपनों की उड़ान’ कार्यक्रम में युवाओं से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान की नींव जागरूक, अनुशासित, संस्कारवान और विचारशील युवा ही रख सकते हैं। युवाओं में नई सोच, नई ऊर्जा और बदलाव लाने की क्षमता होती है। यही कारण है कि राज्य सरकार समय-समय पर युवाओं से संवाद कर उनके सुझावों को नीतियों और बजट में शामिल करने का प्रयास करती है।
युवाओं के सुझावों से बन रही हैं नई योजनाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं से मिलने वाले सुझावों का गंभीरता से अध्ययन कर रही है और उन्हें भविष्य की योजनाओं में शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि युवाओं की सोच और अनुभव सरकार के लिए नई नीतियां तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपने माता-पिता से प्रेरणा लेने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता जीवन के पहले शिक्षक होते हैं और उनसे मिले संस्कार, अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी के मूल्यों को अपनाकर युवा अपने जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाला युवा हर चुनौती का सामना कर सकता है।
रिकॉर्ड सरकारी भर्तियों से युवाओं को मिला अवसरमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने 1 लाख 78 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देकर उनके सपनों को साकार किया है। इसके अलावा करीब 51 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है, जबकि 80 हजार से अधिक पद भर्ती कैलेंडर में शामिल किए जा चुके हैं। सरकार आने वाले समय में 70 हजार नए पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि केवल सरकारी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाए गए हैं। पिछले ढाई वर्षों में निजी कंपनियों और उद्योगों के माध्यम से करीब साढ़े चार लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
पेपर लीक पर सख्ती, सैकड़ों आरोपी गिरफ्तारमुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार ने कठोर रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में कानून को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है और भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में हुई अन्य अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक 569 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही सरकार के कार्यकाल में 410 प्रतियोगी परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक की घटना के सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि मेहनत करने वाले युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली मिले।
युवाओं को नौकरी नहीं, रोजगार देने वाला बनाने पर जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना चाहती है। इसी सोच के तहत स्टार्टअप संस्कृति और स्वरोजगार को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान स्टार्टअप कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 4,623 स्टार्टअप्स पंजीकृत किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें से 1,062 स्टार्टअप्स को आई-स्टार्ट फंड के माध्यम से 34 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 9 स्टार्टअप कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें कुल 988 स्टार्टअप्स ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़ने के लिए राज्य कौशल नीति-2025 और युवा नीति भी लागू की है, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
खेलों में नई पहचान बना रहा राजस्थानमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। उनकी प्रतिभा को बेहतर मंच देने के लिए राज्य सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना लागू की है, जबकि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का सफल आयोजन भी किया गया। इसके साथ ही प्रदेश में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं 41 जिला मुख्यालयों पर आवासीय खेल अकादमियों की स्थापना भी की गई है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजस्थान को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।