राजस्थान में दिल दहला देने वाली घटना, घर के बाहर खेल रहे 5 साल के बच्चे पर आवारा कुत्ते का हमला, चेहरे और कान पर लगे 20 टांके

राजस्थान के सीकर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है, जिसने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। फतेहपुर कस्बे के वार्ड नंबर 4 में मंगलवार को घर के बाहर खेल रहे एक 5 साल के मासूम बच्चे पर अचानक एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्चा कुछ समझ पाता उससे पहले ही कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया और बुरी तरह नोचने लगा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और काफी मशक्कत के बाद उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। इस हमले में बच्चे के होंठ, गाल, कान और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं।

गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया

घटना के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में बच्चे को फतेहपुर के धानुका अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। करीब आधे घंटे तक चले उपचार के दौरान डॉक्टरों को बच्चे के शरीर पर कुल 20 टांके लगाने पड़े। चेहरे की हालत सबसे ज्यादा खराब थी—निचला होंठ और गाल बुरी तरह फट गए थे, जहां 15 टांके लगाए गए। इसके अलावा कान पर भी गहरे जख्म थे, जिन पर 5 टांके लगाए गए। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है, लेकिन घटना के बाद वह मानसिक रूप से काफी सहमा हुआ है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा, प्रशासन पर सवाल

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने नगर परिषद और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है और ये आए दिन बच्चों व राहगीरों पर हमला करते रहते हैं। बावजूद इसके, शिकायतों के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कभी-कभार कुत्तों को पकड़ने या नसबंदी के लिए अभियान जरूर चलाया जाता है, लेकिन वह भी कुछ दिनों में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। नतीजतन, आज हालात ऐसे हो गए हैं कि हर गली-मोहल्ले में आवारा कुत्तों का डर बना रहता है।

पिता ने सुनाई पूरी घटना


घायल बच्चे शिवम के पिता सुरेश कुमार सैनी ने बताया कि उनका बेटा घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक एक स्ट्रीट डॉग वहां आया और उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे को गिराकर उसके होंठ, कान और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह काट लिया। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इलाके में कई लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।