नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने रविवार को NEET UG री-एग्जाम 2026 के एडमिट कार्ड जारी कर दिए, लेकिन इसके तुरंत बाद ही बड़ी संख्या में छात्रों को पोर्टल एक्सेस करने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उम्मीदवारों का कहना है कि जैसे ही वे लॉगिन कर बैंक अकाउंट डिटेल्स भरते हैं, वेबसाइट या तो “अंडर मेंटेनेंस” का संदेश दिखाती है या पूरी तरह खाली पेज (ब्लैंक स्क्रीन) पर रुक जाती है। इस तकनीकी गड़बड़ी ने हजारों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है।
भारी ट्रैफिक के चलते तकनीकी दिक्कतेंNTA की ओर से पहले ही संकेत दिया गया था कि एडमिट कार्ड प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर अत्यधिक ट्रैफिक के कारण बैंक डिटेल वेरिफिकेशन में बाधा आ सकती है। गाइडलाइंस के अनुसार, उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से पहले रिफंड प्रक्रिया के लिए अपने बैंक खाते की जानकारी सत्यापित करनी अनिवार्य है।
इसी प्रक्रिया के दौरान सर्वर पर अचानक दबाव बढ़ने से वेबसाइट के ठप होने की स्थिति बन गई, जिससे कई छात्र एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं।
4 लाख उम्मीदवारों ने डाउनलोड किया एडमिट कार्डNTA के मुताबिक, NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए अब तक करीब 4 लाख उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। हालांकि बड़ी संख्या में छात्रों को अब भी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
एजेंसी ने बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी है और उनकी तकनीकी टीम लगातार इसे ठीक करने में जुटी हुई है। NTA ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी उम्मीदवारों को बिना किसी परेशानी के एडमिट कार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे। साथ ही, असुविधा के लिए खेद भी जताया गया है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, छात्रों को दी गई मदद की सलाहतकनीकी समस्या से जूझ रहे छात्रों की सहायता के लिए NTA ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। उम्मीदवार किसी भी परेशानी की स्थिति में 011-40759000 और 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं।
एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और बार-बार लॉगिन करने से बचें, ताकि सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
20 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में होंगे शामिलNEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में देशभर के विभिन्न केंद्रों पर कराई जाएगी।
इस बार परीक्षा का आयोजन भारत के 551 शहरों के साथ-साथ विदेश के 14 शहरों में भी किया जा रहा है। कुल मिलाकर 20 लाख से अधिक उम्मीदवार इस महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं।
सरकार और NTA की ओर से परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या तकनीकी बाधा का असर परीक्षा प्रक्रिया पर न पड़े।