राजस्थान में घरेलू गैस व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार (14 मई) को शहरी गैस वितरण (CGD) एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि औसतन प्रतिदिन करीब 1,000 घरों को PNG नेटवर्क से जोड़ा जाना चाहिए।
सरकार ने यह भी तय किया है कि अगले 45 दिनों के भीतर, यानी जून के अंत तक, लगभग 43,000 नए घरों को PNG कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएं। सचिवालय के ‘चिंतन कक्ष’ में हुई राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन इलाकों में गैस पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तुरंत कनेक्शन दिए जाएं।
LPG से PNG की ओर बदलाव को बढ़ावाइस बैठक में सभी 13 सीजीडी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एलपीजी से PNG की ओर शिफ्ट को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं, साथ ही ‘LPG-free zones’ विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है।
मुख्य सचिव ने एजेंसियों को निर्देश दिया कि PNG के फायदों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह बताया जाए कि पाइप्ड गैस से 24 घंटे निर्बाध सप्लाई मिलती है, सिलेंडर बुकिंग की झंझट खत्म हो जाती है, घर बैठे सुविधा मिलती है, सुरक्षा बेहतर होती है और यह आर्थिक रूप से भी अधिक किफायती विकल्प है।
1.53 लाख घर पहले ही जुड़ चुके हैं PNG सेमुख्य सचिव ने यह भी सुझाव दिया कि PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सक्रिय उपयोग किया जाए और समय-समय पर कनेक्शन कैंप आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा से जोड़ा जा सके।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक राज्य में 490 CNG स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1,380 से अधिक वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों को PNG कनेक्शन दिया जा चुका है, जबकि लगभग 1,53,000 घर पहले ही पाइपलाइन प्राकृतिक गैस से जुड़ चुके हैं।
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप घरेलू पाइप गैस कनेक्शन के विस्तार की गति और तेज की जानी चाहिए, ताकि आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा परिवार स्वच्छ और सुविधाजनक ऊर्जा विकल्प की ओर बढ़ सकें।