ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन परिषद के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को पीएम की बात को गंभीरता से लेते हुए उसका पालन करना चाहिए। उनके अनुसार, अनावश्यक यात्रा से बचना आज की जरूरत है ताकि पेट्रोल और डीजल की खपत कम की जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत कई देशों की तुलना में अधिक स्थिर और बेहतर स्थिति में खड़ा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक स्पष्ट और महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में लोगों को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दुनिया भर में जो परिस्थितियां बनी हुई हैं, वे किसी से छिपी नहीं हैं और इसका असर कई देशों पर देखने को मिल रहा है।
पीएम मोदी की रणनीति और उदाहरण का जिक्रनसीरुद्दीन चिश्ती ने आगे कहा कि जो व्यक्ति देश का नेतृत्व कर रहा है, वह वैश्विक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझता है, इसलिए उनकी बातों पर भरोसा किया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने इसकी शुरुआत अपने स्तर से की है, यहां तक कि अपने काफिले में भी कटौती की है। उनके अनुसार, कई मंत्री और मुख्यमंत्री भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के हर नागरिक को इस सोच को अपनाना चाहिए और अनावश्यक यात्राओं से बचकर ईंधन की बचत में योगदान देना चाहिए। इससे न केवल संसाधनों की बचत होगी बल्कि देश की आर्थिक मजबूती को भी समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट की स्थिति में जनता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है और सभी को मिलकर देश की मजबूती के लिए काम करना चाहिए।
भारत की स्थिति पर संतोष व्यक्त कियासैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने आगे कहा कि “अल्लाह का शुक्र है कि” इस कठिन वैश्विक दौर में भारत कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि देश में किसी प्रकार की गंभीर कमी या संकट जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी सतर्कता और एहतियात बरतना जरूरी है।
उन्होंने अंत में कहा कि ऐसी परिस्थितियों में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सरकार के साथ खड़ा रहे और राष्ट्रहित में सहयोग करे। उनका कहना था कि जब देश एकजुट होकर काम करता है, तभी किसी भी चुनौती का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकता है।