राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। कुछ दिन पहले जयपुर में बेटे द्वारा मां की हत्या का मामला सामने आया था और अब झुंझुनूं में लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत एक कर्मचारी ने अपनी ही मां की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपी राजवीर डूडी विभाग में यूडीसी (सीनियर क्लर्क) के पद पर कार्यरत है और उसे अपने दिवंगत पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। घटना के बाद आरोपी ने खुद अपनी बहन को फोन कर बताया कि उसने मां की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
चाकू से किए कई वार, फिर बहन को दी वारदात की जानकारीndtv इंडिया के अनुसार, वारदात बुधवार रात नवलगढ़ स्थित कृषि उपज मंडी के पास बनी कॉलोनी में हुई। आरोपी राजवीर डूडी अपने घर में मां प्रभाती देवी के साथ मौजूद था। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद राजवीर ने रसोई में रखा चाकू उठाया और मां पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण प्रभाती देवी की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के तुरंत बाद आरोपी ने रात करीब 10:58 बजे अपनी बहन अनिता को फोन किया और शांत स्वर में कहा कि उसने मां की हत्या कर दी है। यह सुनकर बहन के होश उड़ गए। उसने तुरंत दूसरी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद सभी लोग आरोपी के घर पहुंचे।
खिड़की से देखा तो मां लहूलुहान पड़ी थी, पास ही लेटा था आरोपीपरिजन जब घर पहुंचे तो दरवाजा बंद मिला। उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो प्रभाती देवी खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं, जबकि आरोपी राजवीर उसी के पास जमीन पर लेटा हुआ था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को घर से ही हिरासत में ले लिया।
मृतका की पहचान 59 वर्षीय प्रभाती देवी, पत्नी स्वर्गीय शीशराम डूडी के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र के सिंगनोर गांव का निवासी है, लेकिन पिछले कई वर्षों से नवलगढ़ में कृषि उपज मंडी के सामने स्थित कॉलोनी में रह रहा था।
पिता की मौत के बाद मिली थी नौकरी, मां ने संघर्ष कर बेटे को पालाजानकारी के मुताबिक, प्रभाती देवी के पति शीशराम डूडी लोक निर्माण विभाग में कार्यरत थे। वर्ष 1997 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उस समय राजवीर महज छह महीने का था। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा होने के कारण मां ने तमाम कठिनाइयों के बीच उसका पालन-पोषण किया और उसे पढ़ाया-लिखाया।
जब राजवीर वयस्क हुआ तो उसे अपने पिता की जगह अनुकंपा के आधार पर पीडब्ल्यूडी, नवलगढ़ में नौकरी मिल गई। कुछ वर्षों बाद वर्ष 2020 में उसकी शादी हुई और उसने नवलगढ़ में अपना मकान बनाकर परिवार के साथ रहना शुरू कर दिया।
शराब की लत बनी पारिवारिक कलह की वजहपरिजनों के अनुसार, राजवीर लंबे समय से शराब की लत का शिकार था। नशे की हालत में वह अक्सर अपनी पत्नी और मां के साथ मारपीट करता था तथा अभद्र व्यवहार करता था। लगातार हो रहे विवादों से परेशान होकर उसकी पत्नी करीब पांच वर्षीय बेटे को लेकर कुछ समय पहले सीकर जिले के दादिया थाना क्षेत्र के तारपुरा गांव स्थित अपने मायके चली गई थी।
घटना वाली रात घर में केवल राजवीर और उसकी मां ही मौजूद थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। गुस्से में आरोपी ने रसोई से चाकू उठाया और मां पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव के पास ही जाकर लेट गया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शुरू की जांचसूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया। फोरेंसिक जांच के लिए घर के भीतर फैले खून के नमूने एकत्र किए गए और फर्श की टाइल का हिस्सा भी साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया गया।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आरोपी से पूछताछ के आधार पर हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।