जयपुर के राजमहल पैलेस जंक्शन पर बनेगा अंडरपास, सवा लाख वाहनों को मिलेगा सिग्नल-मुक्त सफर

जयपुर शहर के सबसे व्यस्त यातायात जंक्शनों में शामिल राजमहल पैलेस जंक्शन पर जल्द ही अंडरपास निर्माण की दिशा में काम शुरू होने की संभावना है। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत तकनीकी और यातायात संबंधी अध्ययन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित अंडरपास के निर्माण के बाद बाइस गोदाम से चौमूं हाउस सर्किल के बीच प्रतिदिन आवागमन करने वाले करीब सवा लाख वाहनों को सिग्नल पर रुके बिना सफर करने की सुविधा मिलेगी, जिससे यात्रा अधिक सुगम और तेज हो सकेगी।

बढ़ते यातायात को देखते हुए तैयार हो रही योजना


जयपुर विकास प्राधिकरण शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में राजमहल पैलेस जंक्शन पर अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य वर्तमान ट्रैफिक दबाव को कम करने के साथ-साथ आने वाले वर्षों की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है।

सिग्नल-मुक्त होगा आवागमन

जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि प्रस्तावित अंडरपास बनने के बाद बाइस गोदाम और चौमूं हाउस सर्किल के बीच गुजरने वाले वाहनों को सिग्नल पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और जंक्शन पर लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलेगी। साथ ही पूरे क्षेत्र की यातायात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

सिविल लाइन्स रेलवे पुल के बाद बढ़ेगा दबाव


अधिकारियों के अनुसार सिविल लाइन्स रेलवे ऊपरी पुल के शुरू होने के बाद अजमेर रोड की ओर से आने वाले वाहनों की संख्या राजमहल पैलेस जंक्शन पर और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह अंडरपास भविष्य में बढ़ने वाले यातायात भार को संभालने के लिए दीर्घकालिक समाधान के रूप में तैयार किया जा रहा है। इससे शहर के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात का प्रवाह अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर भी रहेगा विशेष ध्यान

परियोजना में केवल वाहनों की सुविधा ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार आधुनिक, सुरक्षित और दिव्यांगजन-अनुकूल पैदल यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों सहित सभी लोगों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिल सके।
तकनीकी अध्ययन के बाद होगा अंतिम निर्णय

वर्तमान में जयपुर विकास प्राधिकरण परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी और यातायात संबंधी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर रहा है। इसमें मौजूदा यातायात का आकलन, अंडरपास की संरचना, निर्माण की तकनीकी व्यवहार्यता और भविष्य की आवश्यकताओं का विश्लेषण किया जा रहा है। अध्ययन रिपोर्ट तैयार होने के बाद अंतिम रूपरेखा को मंजूरी दी जाएगी और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि राजमहल पैलेस जंक्शन पर अंडरपास बनने से न केवल इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि आसपास के मार्गों पर भी दबाव कम होगा। यह परियोजना जयपुर के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है और आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के दैनिक सफर को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाएगी।