रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के बाहर हजारों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है। प्रदर्शनकारी सरकार से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
रांची में जुटे हजारों अभ्यर्थीराज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंच चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि करीब पांच हजार से अधिक छात्र राजधानी में एकत्र हुए हैं। आंदोलन में शामिल युवाओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण उनकी वर्षों की मेहनत प्रभावित हुई है और अब वे निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं।
छोटे विरोध से बना बड़ा जनआंदोलनअभ्यर्थियों के अनुसार यह विरोध कुछ छात्रों की बैठक से शुरू हुआ था, लेकिन देखते ही देखते यह राज्यव्यापी छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। यही कारण है कि अलग-अलग जिलों से छात्र लगातार आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांगप्रदर्शनकारी अभ्यर्थी जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली, परीक्षा में देरी और पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे।
विभिन्न संगठनों का समर्थनआंदोलन को कई छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का भी समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शन स्थल पर विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े शिक्षक और नागरिक भी पहुंच रहे हैं। इससे आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
नारों और पोस्टरों के जरिए सरकार पर निशानाप्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। कुछ पोस्टरों में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए, जबकि कुछ में सरकार से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न नारों के माध्यम से भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। आंदोलन के दौरान लगाए गए कुछ राजनीतिक नारों और टिप्पणियों की भी चर्चा रही।
महा आंदोलन के आह्वान के बाद बढ़ी भीड़शुरुआत में अलग-अलग जिलों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को बाद में एक राज्यव्यापी अभियान का रूप दिया गया। इसके तहत राजधानी रांची में महा आंदोलन और संविधान मार्च का आह्वान किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी पहुंचे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं अभ्यर्थीसरकार की ओर से
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी
संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान
नहीं होगा। अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर
दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की
पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
सुरक्षा व्यवस्था की गई सख्तबढ़ती
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास सुरक्षा
व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस
बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि
कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, जबकि
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।