भीलवाड़ा: साहूकार शोभालाल जैन हत्याकांड का खुलासा, करोड़ों की संपत्ति और 70 लाख के लालच में मुनीम ने रची साजिश

भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में चर्चित साहूकार शोभालाल जैन हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि साहूकार की हत्या करोड़ों रुपये की संपत्ति और उनके पास मौजूद 70 लाख रुपये हड़पने की साजिश के तहत की गई थी। मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान नारायण लाल सरगरा के रूप में हुई है, जबकि मुख्य आरोपी और मृतक का मुनीम रोशन गुर्जर अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है।

धार्मिक यात्रा से लौटते समय दिया वारदात को अंजाम


बागोर थाना पुलिस के अनुसार 78 वर्षीय साहूकार शोभालाल जैन ब्याज पर धन देने का कारोबार करते थे। 18 जुलाई को वह अपने मुनीम रोशन गुर्जर के साथ धार्मिक यात्रा पर गए थे। यात्रा से लौटते समय कार में ही हत्या की पूरी साजिश को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार सह-आरोपी नारायण लाल सरगरा ने पहले शोभालाल जैन के हाथ पकड़ लिए, जिसके बाद रोशन गुर्जर ने उनका मुंह दबाकर और गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने उनके मुंह पर टेप चिपका दी, ताकि उनके जीवित बचने की कोई संभावना न रहे।

शव को सीमेंट के खंभे से बांधकर कुएं में फेंका


पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की पूरी योजना पहले से बना रखी थी। उन्होंने शव को एक सीमेंट के खंभे से बांधा और सुनसान इलाके में स्थित एक कुएं में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अलग-अलग स्थानों पर फरार हो गए, ताकि पुलिस को उन तक पहुंचने में कठिनाई हो।

70 लाख रुपये और संपत्ति बनी हत्या की वजह


जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी रोशन गुर्जर को इस बात की पूरी जानकारी थी कि शोभालाल जैन के पास करीब 70 लाख रुपये नकद हैं। पुलिस का कहना है कि इसी रकम और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उसने हत्या की साजिश रची। इस साजिश को सफल बनाने के लिए उसने अपने पुराने दोस्त नारायण लाल सरगरा को भी साथ मिला लिया।

दोस्त को शराब पार्टी और 10 लाख रुपये का लालच


पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश में पानीपुरी का व्यवसाय करने वाला नारायण लाल सरगरा रोशन गुर्जर का पुराना मित्र है। रोशन ने पहले उसे शराब पार्टी देकर अपने पक्ष में किया और फिर हत्या में शामिल होने के बदले 10 लाख रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर पूरी वारदात की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

उदयपुर से गिरफ्तार हुआ आरोपी

हत्या के बाद नारायण लाल सरगरा अपने गांव से फरार होकर उदयपुर में छिपकर रह रहा था। पुलिस को उसकी लोकेशन की सूचना मिलने पर विशेष टीम ने शनिवार को वहां दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपी दीवार फांदकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन इस दौरान वह गिरकर घायल हो गया और उसके पैर में चोट लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी

मामले का मुख्य आरोपी रोशन गुर्जर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित सहयोगियों का भी पता लगाया जा सके।

पुलिस जांच में सामने आए कई अहम तथ्य

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आर्थिक लाभ की मंशा स्पष्ट रूप से सामने आई है। हालांकि जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी सामने आने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।